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बोकारो में थाना स्तर पर लंबे समय से जमे पदाधिकारियों को हटाने की उठी आवाज

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लंबे समय से एक ही जगह पर पदस्थापित पुलिस पदाधिकारियों को लेकर अब आम जनों के बीच चर्चा तेज हो गई है। सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों तथा कई जनप्रतिनिधियों का मानना है कि जिन थाना क्षेत्रों में पदाधिकारी दो वर्ष या उससे अधिक समय से जमे हैं, वहां व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया जाना जरूरी हो गया है।

क्षेत्र के अमन पसंद रहिवासियों का कहना है कि थाना स्तर पर नए अधिकारियों की तैनाती होने से कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

स्थानीय रहिवासियों के अनुसार, लंबे समय तक एक ही थाना में पदस्थापित रहने से कई बार पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली में ढिलाई आने लगती है। वहीं कुछ मामलों में असामाजिक तत्वों और गलत कारोबार से जुड़े तत्वों के साथ करीबी संबंध बनने की आशंका भी बढ़ जाती है। इसका असर कानून-व्यवस्था पर पड़ता है और अपराधियों का मनोबल बढ़ने लगता है। ऐसे में समय-समय पर पुलिस प्रशासन में बदलाव बेहद आवश्यक माना जा रहा है।

इस क्रम में देखा गया हैं कि हाल के महीनो में थाना क्षेत्र के रहिवासी दो घरों में बंटकर एक घरा द्वारा प्रभारी पुलिस अधिकारी का पुतला दहन तो दूसरा घरा द्वारा सम्मानित किए जाने का कार्य किया गया हैं। इससे क्षेत्र में सामाजिक वैमानस्यता देखने को मिल रहा हैं। ऐसे में प्रशासनिक ढील का परिणाम एक पक्षीय होने की संभावना को बल मिलेगा।
रहिवासियों का कहना है कि जिले में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां अवैध कोयला कारोबार, बालू तस्करी, अवैध शराब बिक्री और अन्य गैर कानूनी गतिविधियों की लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। यदि थाना स्तर पर नए पदाधिकारियों और नई टीम की तैनाती की जाए तो इन अवैध कारोबारों पर स्वतः अंकुश लग सकता है। नए अधिकारी निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करेंगे तो अपराधियों एवं गलत धंधों से जुड़े तत्वों में भय का माहौल बनेगा।

क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस विभाग में नियमित अंतराल पर स्थानांतरण प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहती है और जनता का भरोसा भी मजबूत होता है। कइयों ने यह भी कहा कि नए पदाधिकारी नई सोच और नई रणनीति के साथ काम करते हैं, जिससे अपराध नियंत्रण में बेहतर परिणाम देखने को मिलते हैं।

जानकारों का मानना है कि यदि जिले के संवेदनशील थाना क्षेत्रों में ईमानदार और सक्रिय अधिकारियों की तैनाती की जाए तथा लगातार मॉनिटरिंग की जाए, तो चोरी, लूट, अवैध वसूली, मारपीट और संगठित अपराध जैसी घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। साथ ही आम जनों की शिकायतों का त्वरित समाधान भी संभव होगा।

पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की गयी है कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की समीक्षा कर लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया जाए, ताकि कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके तथा अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

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