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झारखंड में भीषण गर्मी और लू को लेकर सरकार अलर्ट, प्रशासन को सख्त निर्देश

हीटवेव से बचाव के लिए मैदान में सरकार, जनता की सुरक्षा सर्वोपरि-सीएम

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सभी जिला उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, प्रखंड एवं अंचल अधिकारियों सहित पंचायत प्रतिनिधियों को तत्काल प्रभाव से राहत और बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने सोरेन ने स्पष्ट कहा है कि इस भीषण गर्मी के दौरान आम जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और लू का असर आम जनजीवन पर गंभीर रूप से पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन को सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर राहत कार्य सुनिश्चित करना होगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, चौक-चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर राहगीरों एवं आम जनों के लिए स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही जहां पानी उपलब्ध कराया गया है, वहां स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाने को भी कहा गया है, ताकि राहगीरों को परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जनहित से बड़ा कोई धर्म नहीं है। भीषण गर्मी और हीट वेव के इस कठिन दौर में सरकार जनता के साथ मजबूती से खड़ी है। राज्य का कोई भी नागरिक प्यासा या असहाय नहीं रहना चाहिए। सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और मानवता के साथ काम करें। राहत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री सोरेन ने विशेष रूप से उन इलाकों पर नजर रखने को कहा है कि जहां पेयजल संकट गहराने की आशंका है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर तुरंत टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही खराब पड़े चापाकलों और पेयजल स्रोतों की युद्ध स्तर पर मरम्मत कराई जाए, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहिवासियों को पानी के लिए भटकना न पड़े। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रहने को कहा है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक एवं डिहाइड्रेशन से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त दवाइयां, बेड और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय रखने का आदेश दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों, नगर निकायों और प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की है कि वे आपसी समन्वय के साथ राहत कार्य करें और जरूरतमंद तक तुरंत सहायता पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में बुजुर्गों, बच्चों, मजदूरों और गरीब तबके का विशेष ध्यान रखा जाए।

झारखंड सरकार द्वारा आम जनों से भी अपील की गई है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, अधिक पानी पिएं और लू से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतें। राज्य सरकार के इस सक्रिय कदम के बाद प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह सतर्क हो गया है और कई जिलों में पेयजल, टैंकर आपूर्ति एवं राहत केंद्रों की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।

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