प्रहरी संवाददाता/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हदम चंदनकियारी प्रखंड के बरमसिया ओपी क्षेत्र स्थित दुबे कांटा के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन मासूम बच्चों की जिंदगी बदल दी। हादसे में सपन मांझी और उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी की मौत के बाद बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। उक्त घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
इस दु:खद परिस्थिति में बोकारो जिला प्रशासन बच्चों के सहारे के रूप में आगे आया है। सोशल मीडिया के माध्यम से मामला सामने आने पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। प्रशासन की ओर से बच्चों के लिए खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 50 किलो अनाज उपलब्ध कराया गया है। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत दो लाख रुपये की सहायता राशि दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए बोकारो जिला प्रशासन उनका नामांकन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, आश्रम विद्यालय अथवा अन्य उपयुक्त शिक्षण संस्थानों में कराने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना, सावित्री बाई फुले योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना एवं आपदा राहत मद से भी सहायता उपलब्ध कराने की पहल शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि बच्चों के बालिग होने पर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिला उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए हर कदम संवेदनशीलता और तत्परता के साथ उठाया जाए। जिला प्रशासन की यह पहल केवल सरकारी जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि इंसानियत की मिसाल भी बन रही है।
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