निजी चैनल एवं हमर अधिकार मंच की पहल पर पत्रकार सुरक्षा कानून की उठी मांग
एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड के जमशेदपुर में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निजी समाचार चैनल एवं हमर अधिकार मंच के संयुक्त तत्वावधान में भव्य पत्रकार सम्मान समारोह एवं नागरिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर हमर अधिकार मंच द्वारा मानव अधिकार कार्यशाला का भी आयोजन किया गया, जिसमें पत्रकारों की सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं मानव अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम का आयोजन निजी समाचार चैनल के राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार अरुणाभा कर के नेतृत्व में किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हमर अधिकार मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में उमाशंकर सिंह एवं डॉ सबा सिद्दीकी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में निजी चैनल के पत्रकारों एवं समाजसेवियों की उपस्थिति में विशेष रूप से अनुप श्रीवास्तव, कोल्हान प्रमंडल मंडल ब्यूरो हेड बृजराज सिंह, राजेश गुप्ता, प्रदीप मिश्रा, राकेश सिंह, सोमनाथ तिवारी, आशिफ हुसैन तथा चैनल के जमशेदपुर कार्यालय प्रबंधक आफरीन अजिम, हमर अधिकार मंच के उपाध्यक्ष संतोष मृदुला और मीना कुमारी, संयुक्त सचिव दिलीप कुमार, कार्यकारिणी सदस्य सुजीत कुमार पांडेय, सूरज कुमार सिन्हा, रीना श्रीवास्तव, चंदन प्रसाद, गोविन्द पाठक सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।

उक्त समारोह में जमशेदपुर के वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता संजय सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, पत्रकारों एवं समाजसेवियों को अंग वस्त्र, मोमेंटो, पुष्पगुच्छ एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला ने अरुणाभ कर को मंच का मोमेंटो देकर सम्मानित किया। साथ ही निराला ने कर और डॉ सिद्दीकी को अपने द्वारा लिखित पुस्तक भेंट की।
सम्मान समारोह के अवसर पर हमर अधिकार मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला ने अपने संबोधन में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज एवं सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने मानव अधिकार, सामाजिक न्याय एवं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, सम्मान और सामाजिक जागरूकता से ओत-प्रोत रहा। उपस्थित जनों ने इसे पत्रकारिता और मानव अधिकारों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
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