अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। बिहार के प्रसिद्ध तीर्थस्थल सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर में 15 मई को ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष शिवरात्रि के पावन अवसर पर बाबा हरिहरनाथ महाभक्ति अर्चनम् का दिव्य अनुष्ठान श्रद्धा और भव्यता के साथ किया गया। हरिहर क्षेत्र की पावन महिमा को दर्शाते इस विशेष धार्मिक आयोजन में भगवान हरिहर के सांध्यकालीन श्रृंगार के साथ सवा लाख बेलपत्रों का महा-अर्पण किया गया।
इस पावन अवसर पर बाबा हरिहरनाथ मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष प्रमोद मुकेश, सचिव विजय कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष निर्भय कुमार सिंह, सह-कोषाध्यक्ष मिथिलेश कुमार सिन्हा, सदस्य चन्द्रभूषण तिवारी और कृष्णा प्रसाद सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा।
बाबा हरिहरनाथ के मुख्य अर्चक आचार्य सुशीलचंद्र शास्त्री एवं पुजारी पवनजी शास्त्री ने बताया कि प्रसिद्ध धर्म ग्रंथ शिव पुराण के अनुसार, बेलपत्र त्रिदेव – ब्रह्मा, विष्णु, महेश और भगवान शिव के तीन नेत्रों का प्रतीक माना गया है। नंद बाबा ने कहा कि मान्यता है कि शिव को बेलपत्र अर्पित करने से मानसिक, वाचिक और शारीरिक शुद्धता प्राप्त होती है। कहा कि शास्त्रों में कहा गया है कि दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनम् पापनाशनम्।
अघोर पाप संहारं बिल्व पत्रं शिवार्पणम् अर्थात बेलपत्र के दर्शन और स्पर्श मात्र से पापों का नाश होता है और शिव को अर्पित करने पर यह घोर पापों का भी संहार करता है।
हरिहर क्षेत्र की बढ़ी महिमा
सोनपुर के गंगा-गंडक संगम क्षेत्र में स्थित इस मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु की प्रतिमा एवं शिव लिंग की पूजा हरिहर नाथ के नाम से होती है। आज सवा लाख बेलपत्रों के इस महा-अर्पण ने क्षेत्र की धार्मिक महत्ता को और बढ़ा दिया है। श्रद्धालुओं का मानना है कि ऐसे अनुष्ठान से पूरे क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि का संचार संभव है।
मंदिर न्यास समिति के अनुसार आने वाले दिनों में भी इसी तरह के धार्मिक आयोजनों से हरिहरनाथ धाम को आध्यात्मिक केंद्र के रूप में और विकसित किया जाएगा।
एक अन्य जानकारी के अनुसार बिहार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला मंडल ने 15 मई को बाबा हरिहरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
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