अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा में व्याप्त शैक्षणिक अराजकता, भ्रष्टाचार और स्नातक सत्र 2023-27 के परीक्षा परिणामों में हुई भारी गड़बड़ियों के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने 8 अप्रैल को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
बिहार के छपरा, सिवान, गोपालगंज और सोनपुर से आए अभाविप कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में हल्ला बोल प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया और कुलपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभाविप के प्रांत सह मंत्री यशवंत कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी छात्रों का भविष्य संवारना है, लेकिन जेपीयू में स्थिति इसके उलट है। यहाँ छात्र पढ़ाई करने के बजाय अपने परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। परिणाम के नाम पर छात्रों के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ किया जा रहा है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

अभाविप एसएफएस के प्रांत सह प्रमुख रवि पांडेय ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि परीक्षा परिणामों में तत्काल सुधार नहीं किया गया, तो विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे। वहीं, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनोज गुप्ता ने कहा कि जिस समय छात्रों को अपनी कक्षाओं में होना चाहिए, उस समय वे अपनी जायज मांगों को लेकर सड़क पर धरना दे रहे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन पर तानाशाही का आरोप
अभाविप के पूर्व कॉलेज अध्यक्ष रजनीकांत ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के लिए बना है, फिर भी उन्हें अंदर जाने से रोकना प्रशासन की तानाशाही को दर्शाता है। हल्ला बोल आंदोलन में अभाविप प्रांत एग्जीबिशन के संयोजक वेद प्रकाश, सचिन, अनीश कुमार, विशाल कुमार, जिला संयोजक नीरज कुमार, हर्षिता कुमारी, नगर मंत्री आशीष कुमार सहित रजनीकांत सिंह, राजीव, अमर पांडेय, अर्पित, शिवम, नितेश और भारी संख्या में छात्रा निशा, रिया, प्रिया, राधा, अंजलि, रोमा, खुशी आदि मौजूद रहीं। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाता उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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