अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। बिहार के सरकारी अस्पतालों में अब लंबी कतारों और अव्यवस्था का दौर खत्म हो रहा है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और भव्या (बीएचएवीवाईए) ऐप ने स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है।
सारण जिला मुख्यालय छपरा के सदर अस्पताल सहित सभी पीएचसी और सीएचसी में अब रजिस्ट्रेशन से लेकर इलाज तक की प्रक्रिया ऑनलाइन हो चुकी है। यहां के अस्पतालों में मरीजों का मेडिकल इतिहास, जांच रिपोर्ट और दवाइयों का विवरण अब डिजिटल रूप से सुरक्षित है।
बताया जाता है कि यहां के अस्पतालों में आधार और मोबाइल नंबर से पंजीकरण के बाद मरीजों को एक यूनिक आईडी मिलती है, जिससे वे जिले के किसी भी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं। क्यू मैनेजमेंट सिस्टम के कारण ओपीडी में लगने वाला वेटिंग टाइम काफी कम हो गया है। कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए अस्पतालों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे डॉक्टरों की जवाबदेही बढ़ी है।
सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा है कि हमारा लक्ष्य हर मरीज को समय पर पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है। कहा कि डिजिटल तकनीक से सेवाओं में तेजी आई है। यह सच्चाई भी है कि डिजिटल पहल ने न केवल मरीजों का भरोसा लौटाया है, बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी प्रबंधन को आसान और प्रभावी बना दिया है।
सारण के सिविल सर्जन डॉ राजकुमार चौधरी ने 2 अप्रैल को बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म लागू होने के बाद ओपीडी में भीड़ का प्रबंधन आसान हुआ है और वेटिंग टाइम में कमी आई है। कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि भव्या ऐप के माध्यम से आने वाले समय में इस व्यवस्था को और सशक्त किया जाएगा।
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