प्रसिद्ध भोजपुरी गायिका कल्पना और गायक उदित नारायण ने बांधा समां
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिले के निकटवर्ती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जन्मस्थली वैशाली में आयोजित त्रिदिवसीय वैशाली महोत्सव का दूसरा दिन एक अप्रैल सांस्कृतिक वैभव के नाम रहा। लोक गीतों की मिठास और भक्ति के संगम ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
महोत्सव के दूसरे दिन प्रसिद्ध भोजपुरी गायिका कल्पना पटवारी के लोकगीतों पर श्रोता झूम उठे। महोत्सव की दूसरी शाम अंतरराष्ट्रीय लोक गायिका कल्पना पटवारी के नाम रही। मंच पर आते ही उन्होंने छठ गीत मरबो रे सुगवा धनुष से गाकर पूरे पंडाल को भक्तिमय कर दिया।
गायिका कल्पना ने भोजपुरी के शेक्सपियर भिखारी ठाकुर के बेटी वियोग गीतों की ऐसी मर्मस्पर्शी प्रस्तुति दी कि दर्शक भावुक हो उठे। उन्होंने दिवंगत गायिका शारदा सिन्हा के पारंपरिक गीतों से लेकर अपने लोकप्रिय फिल्मी गानों तक का सफर तय किया, जिस पर श्रोता थिरकते रहे। कार्यक्रम के अंत में वैशाली जिला प्रशासन द्वारा उन्हें अंग-वस्त्र और भगवान महावीर का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

सांस्कृतिक सत्र में बिहार के पूर्व डीजीपी आलोक राज के नेतृत्व में निनाद संस्थान ने लोकगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। इसके अलावा शिखा कुमारी के सूफी गायन और लालजी मिश्रा के भजनों ने वातावरण को शांत और आध्यात्मिक बनाया। स्थानीय गायिका प्रतिभा सौम्या राज, जान्हवी दुर्गा और राधिका कुमारी ने पारंपरिक गीतों से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

महोत्सव परिसर में जीविका, कृषि, उद्योग और स्वास्थ्य जैसे विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। यहाँ आगंतुकों ने सरकारी योजनाओं की जानकारी ली। जिला पदाधिकारी (डीएम) वर्षा सिंह ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे सांस्कृतिक विरासत को संजोने का बेहतरीन प्रयास बताया।
गायक उदित नारायण ने बिखेरा सुरो का जादू
इससे पूर्व, महोत्सव के उद्घाटन के दिन बीते 31 मार्च को प्रसिद्ध पार्श्व गायक उदित नारायण ने अपनी सुरीली आवाज से वैशाली क्षेत्र को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि वैशाली की पावन धरती पर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कहा कि मैं जब तक जीवित हूँ, संगीत के जरिए आपकी सेवा करता रहूँगा। उन्होंने अपने सुपरहिट गानों जैसे पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा, हो गया है तुझको तो प्यार सजना और कुछ-कुछ होता है की झड़ी लगा दी, जिससे उद्घाटन समारोह यादगार बन गया।
![]()













Leave a Reply