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बाल विवाह मुक्ति रथ ने बोकारो मे दी बाल विवाह के खात्मे को रफ्तार

गांवों और कस्बों में गूंजा जागरूकता का शंखनाद

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। भारत सरकार के केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर संचालित 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के तहत बोकारो जिले में बाल विवाह के विरुद्ध माहौल बनाने में बाल विवाह मुक्ति रथ ने निर्णायक भूमिका निभाई है। बोकारो जिले के सुदूर गांवों और कस्बों तक पहुंचे इस रथ ने न केवल रहिवासियों को जागरूक किया, बल्कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से मिटाने के संकल्प को भी मजबूती दी।

पहियों पर बदलाव का संदेश :

बोकारो जिले में इस अभियान का नेतृत्व कर रही सामाजिक संस्था सहयोगिनी ने जागरूकता रथ यात्रा के समापन के अवसर पर 7 मार्च को आयोजित कार्यक्रम में उत्साहजनक आंकड़े साझा किए। इस दौरान बोकारो जिला उपायुक्त कार्यालय में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ सुमन गुप्ता सहित नावाडीह अंचल कार्यालय में बाल विवाह निषेध पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी अभिषेक कुमार, गोमिया में अंचलाधिकारी आफताब आलम, बीडीओ महादेव महतो, कसमार में बीडीओ नम्रता जोशी एवं सीओ नरेंद्र कुमार सिंह, पेटरवार में अंचलाधिकारी अशोक राम, जरीडीह प्रखंड में बीडीओ सीमा कुमारी, बेरमो में बीडीओ मुकेश कुमार व् अंचलाधिकारी संजीत कुमार सिंह, चंद्रपुरा में बीडीओ सह अंचलाधिकारी ईश्वर दयाल महतो, बेरमो अनुमंडल मुख्यालय तेनुघाट में एसडीएम मुकेश मछुवा, चास में बीडीओ प्रदीप कुमार के अलावा चंदनकियारी में बीडीओ अजय कुमार शर्मा द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ पिछले 30 दिनों में 1400 किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान रथ बोकारो जिले के 110 गांवों तक पहुंचा, जिसमें 13,500 से अधिक रहिवासियों को इस मुहिम से सीधे तौर पर जोड़ा गया।

इस अवसर पर सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर ने बताया कि यह मात्र एक प्रतीकात्मक यात्रा नहीं थी, बल्कि पहियों पर बदलाव का संदेश था। कहा कि अब समाज यह स्वीकार कर रहा है कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि कानून की नजर में बच्चों से दुष्कर्म के समान एक दंडनीय अपराध है। इस दौरान सहयोगिनी कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विशेष जन जागरूकता का कार्य जिले भर में किया गया।

बोकारो जिले में तीन चरणों में चला सघन अभियान:

बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बोकारो जिले में इस अभियान को तीन रणनीतिक चरणों में विभाजित किया गया था। जिसमें प्रथम चरण में शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों और युवाओं को जोड़कर उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति सजग किया गया। जिसमे पेटरवार प्रखंड के हद में तेनुघाट स्थित कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम, नावाडीह के कस्तुरबा विद्यालय, चंदकियारी, जरीडीह, चास, गोमिया तथा चंद्रपुरा प्रखंड के दुग्दा स्थित कस्तुरबा विद्यालय सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में बाल विवाह मुक्त रथ यात्रा के साथ नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

वहीं द्वितीय चरण में विभिन्न मंदिरों में धर्मगुरुओं, कैटरर्स, टेंट संचालकों, बैंड-बाजा और घोड़ी वालों से संपर्क किया गया। उनसे अपील की गई कि वे विवाह संपन्न कराने से पूर्व आयु की जांच अनिवार्य रूप से करें और बाल विवाह में अपनी सेवाएं न दें। जबकि, तृतीय चरण मे ग्राम पंचायतों के माध्यम से जमीनी स्तर पर जन-जागरूकता फैलाई गई और रहिवासियों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई।

सुदूर इलाकों तक पहुंच :

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन के रूप में काम कर रहे सहयोगिनी संस्था के अनुसार जागरूकता अभियान कार्यक्रम के तहत जहां मुख्य सड़कों पर मुक्ति रथ ने मोर्चा संभाला, वहीं दुर्गम और सुदूर इलाकों में मोटरसाइकिल व साइकिल कारवां के जरिए संदेश पहुंचाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चियों को कुपोषण, अशिक्षा और गरीबी के दुष्चक्र से बचाकर उनके सुनहरे भविष्य की राह सुनिश्चित करना है।

एक नजर में अभियान की मुख्य बातें :

प्रकृति: बाल विवाह को विवाह की आड़ में अपराध के रूप में परिभाषित किया गया। कानूनी पक्ष: रहिवासियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत सजा के प्रावधानों की जानकारी दी गई। व्यापकता: देश के 439 जिलों में एक साथ चल रहे इस अभियान ने जन-आंदोलन का रूप ले लिया है।

प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम जनता के सहयोग से अब बोकारो जिला बाल विवाह मुक्त होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। आज इस अभियान के समापन के अवसर पर बाल विवाह मुक्त भारत बनाने को लेकर जिला के हद में जरीडीह प्रखंड के बारु पंचायत में कैंडल मार्च निकाला गया। इस अभियान के दौरान सहयोगिनी के रवि कुमार राय, अनिल कुमार हेंब्रम, सूरजमनी देवी, सोनी कुमारी, मंजू देवी, कुमारी किरण, विनीता देवी, संगीता देवी, रेखा देवी, प्रकाश कुमार महतो, विकास कुमार गोस्वामी, अशोक महतो, पायल कुमारी, खुशबू , कुमार गौरव, मंटू करमाली, सुनील कालिंदी आदि मुख्य रूप से शामिल थे।

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