पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो ने बुलंद की समाज के अधिकारों की आवाज
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड की राजधानी रांची के प्रभात तारा मैदान में एक मार्च को कुड़मी समाज द्वारा विशाल महारैली का आयोजन किया गया। आयोजित ऐतिहासिक महारैली में गोमियां के पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कुड़मी समाज के हक, अधिकार और सम्मान की लड़ाई को मजबूती से उठाते हुए कहा कि समाज अब अन्याय और उपेक्षा के खिलाफ निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार है।
सभा को संबोधित करते हुए पुर्व विधायक डॉ महतो ने कहा कि जिस समाज को साजिश के तहत अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची से बाहर किया गया, वही समाज आज अपने अधिकार और पहचान के लिए एकजुट होकर खड़ा है। वर्षों तक समाज के अस्तित्व और स्वाभिमान को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन अब समाज जाग चुका है और अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे समाज के स्वाभिमान, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की लड़ाई है। समाज की ऐतिहासिक एकजुटता ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब अन्याय और उपेक्षा को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुर्व विधायक ने उपस्थित जनसमूह को विश्वास दिलाया कि वे अपने समाज के प्रत्येक भाई-बहन को अधिकार, सम्मान और पहचान की इस न्यायपूर्ण लड़ाई में सदैव साथ खड़ा रहेंगे। कहा कि आपकी आवाज को हर मंच तक पहुँचाने का कार्य निरंतर करता रहूँगा। प्रभात तारा मैदान में उमड़ा विशाल जनसैलाब इस बात का प्रमाण बना कि समाज अब अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए पूरी ताकत से आगे बढ़ चुका है। महारैली ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि अब कुड़मी समाज को उसके हक से वंचित रखना संभव नहीं होगा।
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