डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखा कर ठगों ने वसूले 1.16 करोड़
कार्यालय संवाददाता/मुंबई। साइबर ठगों ने मुलुंड के 78 वर्षीय थॉमस मैथ्यू पुलिक्कोटिल को लगभग 1.16 करोड़ रुपये का चूना लगाया। ठगों ने खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का अधिकारी बताकर जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी की धमकी दी थी। गिरफ्तारी और उनकी धमकियों के झांसें में आ कर पीड़ित पुलिक्कोटिल ने अपने खाते से 1,01,30,000 करोड़ और अपनी पत्नी के खाते से निकालकर कुल 1,16,20,000 करोड़ की राशि हस्तांतरित कर दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपना एक फ्लैट भी बेचा और उससे प्राप्त राशि को ठगों द्वारा दिए गए खातों में भेज दिया। पीड़ित थॉमस मैथ्यू पुलिक्कोटिल एक फैब्रिकेशन केमिकल कंपनी के सेवानिवृत्त निदेशक हैं और मुलुंड (पश्चिम) में अपनी पत्नी टेस्ला (72) के साथ रहते हैं। उनकी शिकायत के अनुसार, यह घटना 26 दिसंबर, 2025 से लेकर 24 फरवरी, 2026 के बीच हुई है।
कॉल करने वाले ने खुद को बताया सीबीआई अधिकारी
मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित थॉमस मैथ्यू पुलिक्कोटिल के अनुसार 26 दिसंबर, 2025 की सुबह करीब 9 बजे, उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी “विजय खन्ना” बताया और दावा किया कि वह जेट एयरवेज के प्रमोटर नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहा है। कॉल करने वाले ने पुलिक्कोटिल को झूठी सूचना दी कि उनके नाम से कैनरा बैंक में एक खाता खोला गया है और इसका इस्तेमाल 2 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग लेनदेन में किया गया है।
कथित अधिकारी ने बताया कि अगर उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके बाद ठग ने प्रदीप सावंत, राजेश और रविकुमार नाम के अन्य कथित “सीबीआई अधिकारियों” का परिचय कराया, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय नंबरों सहित विभिन्न मोबाइल नंबरों से पीड़ित से संपर्क किया। आरोपियों ने अपने दावों को वैध दिखाने के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से सीबीआई के नाम और लोगों वाले जाली दस्तावेज भी भेजे।
साइबर ठगों ने पीड़ित से वसूली 80 प्रतिशत “ज़मानत राशी”
साइबर ठगों ने पीड़ित को कथित धोखाधड़ी की राशि का 80 प्रतिशत “ज़मानत राशी” के रूप में जमा करने का निर्देश दिया और उन्हें कड़ी गोपनीयता बनाए रखने की चेतावनी भी दी। गिरफ्तारी और जान से मारने की धमकी के डर से, पुलिक्कोटिल और उनकी पत्नी ने मुलुंड स्थित अपने एचडीएफसी बैंक खातों से आरोपियों द्वारा दिए गए कई बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी।
शिकायत के अनुसार, पुलिक्कोटिल ने अपने खाते से 1,01,30,000 करोड़ और अपनी पत्नी के खाते से अतिरिक्त राशि निकालकर कुल 1,16,20,000 करोड़ की राशि हस्तांतरित कर दिया। उन्होंने अपना एक फ्लैट भी बेचा और उससे प्राप्त राशि को ठगों के खातों में स्थानांतरित कर दिया। इस बीच उन्हें शक हुआ की माईन ठगी का शिकार हो रहा हु, तो उन्होंने अपने पैसे वापस करने का अनुरोध किया, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर और अधिक धनराशि की मांग करने लगे और बीच -बीच में धमकी भी देते रहे।
राष्ट्रीय साइबर अपराध शाखा में ऑनलाइन शिकायत दर्ज
ठगी का शिकार हुए पुलिक्कोटिल ने 25 फरवरी, 2026 को राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन (1930) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पावती संख्या 31902260042239 के तहत पंजीकृत की गई। उनकी शिकायत के आधार पर मुंबई के पूर्वी क्षेत्र साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सीबीआई अधिकारी बनकर, जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके, आपराधिक धमकियों और इलेक्ट्रॉनिक संचार के माध्यम से पीड़ित से पैसे वसूले। आरोपियों का पता लगाने और धोखाधड़ी में शामिल लाभार्थी बैंक खाताधारकों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।
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