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सीसीएल बीएंडके क्षेत्र एक हजार करोड़ से अधिक करेगा लाभ-संजय कुमार झा

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। चालू वित्तीय वर्ष में कोयले की मांग में कमी के बावजूद सीसीएल का बीएंडके क्षेत्र अभीतक सात सौ करोड़ लाभ में है। मार्च इंडिंग तक क्षेत्र एक हजार करोड़ से अधिक लाभ अर्जित करेगा।

उक्त बातें बोकारो जिला के हद में करगली स्थित महाप्रबंधक कार्यालय कक्ष में बीएंडके क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार झा ने 23 फरवरी की संध्या एक विशेष भेंट में कही।
महाप्रबंधक झा ने कहा कि क्षेत्र में कोयला चोरी सबसे बड़ी समस्या है, जिसपर लगाम लगाने की उन्होंने तैयारी कर ली है। उनके कार्यकाल में कोयले के अवैध कारोबारियों के लिए उनके क्षेत्र में कोई स्थान नहीं है। क्षेत्र में सीआईएसएफ के सक्रिय सेवा के बाद भी उन्होंने कहा कि बल के कार्यकलाप में कुछ कमी रह जा रहा है, जिसका लाभ कोयला चोर उठा रहे है। इसकी रोकथाम के लिए वे लगातार बल के समादेष्टा सहित स्थानीय व् जिला स्तर के पुलिस पर दबाब बनाने में लगे है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र द्वारा प्रतिदिन 37.5 हजार टन कोयला उत्पादन किया जा रहा है, जिसे और बढ़ाने की जरूरत है। कहा कि क्षेत्र के एकेकेओसीपी खासमहल तथा कारो परियोजना से सर्वाधिक कोयला उत्पादन हो रहा है, जबकि बोकारो कोलियरी का आंशिक सहयोग हो रहा है। वहीं करगली कोलियरी बंद है। उन्होंने बताया क्षेत्र में 1/1 के रेसियो से अधिभार (ओबी) का निस्तारण के कारण उत्पादन लागत कम है। बावजूद इसके इलीगल माइनिंग तथा कोयला चोरी के कारण बाजार में इसकी मांग में कमी आयी है।

जिसके कारण अतिरिक्त कोयला उत्पादन नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि मुख्यालय द्वारा प्राप्त कोयला उत्पादन लक्ष्य 1.18 लाख टन के बजाय क्षेत्र द्वारा 83 लाख टन कोयला उत्पादन किया जायेगा। कहा कि अबतक क्षेत्र द्वारा 7 सौ करोड़ लाभ अर्जित कर लिया है। यह लाभ वित्तीय वर्ष (मार्च-26) के अंत तक एक हजार करोड़ से अधिक होगा।

उन्होंने बताया कि वे कोल इंडिया में अपनी सेवा की शुरुआत एसइसीएल के विश्रामपुर से की थी। इसके बाद वे एनसीएल के दूधीछुआ के बाद सीसीएल के मगध, अरगड्डा के बाद बीएंडके में आये है। उनका उद्देश्य कंपनी हित को सर्वोपरि स्थान देना है। इसके बाद हीं वे अन्य कार्यों में रुचि लेंगे। कहा कि पुर्व में वे जहां भी रहे उस क्षेत्र में कोयला चोरी पर पूर्णतः अंकुश लगाने का काम किया है। यहां भी वे अपने इस मकसद में अवश्य कामयाब होंगे। इसमें मीडिया सहित वे स्थानीय प्रशासन से सहयोग लेने की बात कही है.

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