रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार और जरीडीह थाना क्षेत्र में अवैध महुआ शराब की बिक्री इन दिनों बेलगाम हो चुकी है। हालात ऐसे हैं कि साप्ताहिक हाट-बाजार खुलेआम मूवी शराब के अड्डों में तब्दील हो गए हैं।
स्थानीय रहिवासियों का आरोप है कि उपरोक्त थाना क्षेत्र के बाजारों में दिन-दहाड़े बोतलों और पाउच में महुआ शराब बेची जा रही है, लेकिन इसे रोकने वाला कोई नजर नहीं आता।
ग्रामीण रहिवासियों का कहना है कि हाट के दिन दूर-दराज से आने वाले असामाजिक तत्व खुलेआम शराब की खरीद-फरोख्त करते हैं। महिलाओं और युवाओं की मौजूदगी में यह धंधा धड़ल्ले से चलता है, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है। कई जगहों पर नशे में धुत नशेड़ियों द्वारा हंगामा और झगड़े की घटनाएं भी सामने आई हैं। स्थानीय रहिवासियों का आरोप है कि प्रशासन की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित है। छिटपुट छापेमारी के बाद कुछ दिनों तक सन्नाटा रहता है, फिर वही खेल दोबारा शुरू हो जाता है। क्षेत्र के दर्जनों रहिवासियों का सवाल है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है?
ग्रामीण महिलाओं ने 22 फरवरी को बताया कि महुआ शराब की आसान उपलब्धता से परिवारों की आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। कमाने वाले पुरुष नशे में मजदूरी की कमाई उड़ा देते हैं, जिससे घरों में कलह और असुरक्षा बढ़ रही है। आमजनों की मांग है कि उपरोक्त दोनों थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर साप्ताहिक हाटों में सख्त निगरानी की जाए। अवैध शराब विक्रेताओं पर कठोर कार्रवाई हो और शराब के अवैध निर्माण तथा बिक्री की जड़ तक पहुंचकर नेटवर्क को तोड़ा जाए। ज्ञात हो कि, यदि समय रहते अवैध शराब के व्यापार पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कसमार और जरीडीह का यह खुला शराब बाजार निकट भविष्य में कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
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