प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट, पेटरवार, कसमार (बोकारो)। बोकारो जिले का ऐतिहासिक ग्रामीण बाजार बरोज सनिचर उर्फ गागी हाट, जो 115 वर्ष से भी अधिक पुराना बताया जाता है। आज अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। गागी हाट का 5.33 एकड़ भूमि में फैला यह बाजार सर्वे नक्शे में सुरक्षित दर्ज है, लेकिन जमीनी हकीकत में इसका अस्तित्व लगभग विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बोकारो जिला सचिव, झारखंड आंदोलनकारी तथा बाजार–रास्ता को अतिक्रमण मुक्त करो जन अभियान के अध्यक्ष इफ्तेखार महमूद ने 22 फरवरी को गागी हाट में आयोजित किसानों की सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सर्वे रिकॉर्ड में सुरक्षित होने के बावजूद बाजार की अधिकांश जमीन पर अवैध कब्जा हो चुका है। उन्होंने बताया कि यहां दूसरे अंचलों से भी रहिवासी सब्जी, कृषि उपज और बकरा आदि की खरीदारी के लिए आते हैं, जिससे यह बोकारो जिले का प्रमुख ग्रामीण बाजार माना जाता है।
छोटे कारोबारियों के पुनर्वास की मांग
महमूद ने कहा कि अधिकांश अतिक्रमणकारी छोटे स्व रोजगार से जुड़े हैं, जिन्हें व्यवस्थित ढंग से दुकान बनाकर जिला प्रशासन को पुनर्वासित करना चाहिए। लेकिन कुछ तथाकथित ने फर्जी कागजात तैयार कर बाजार की जमीन हड़पने का प्रयास किया है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तर के दशक में हजारीबाग के तत्कालीन अपर समाहर्ता तथा बाद में बोकारो के अपर समाहर्ता ने अपील वाद संख्या-4/2002 के माध्यम से कुछ अतिक्रमणकारियों के फर्जी कागजात को वैधता दी थी। हालांकि वर्ष 2020-21 में गहन जांच के बाद संबंधित जमाबंदी को रद्द कर दिया गया।
वर्ष 1949 की रजिस्ट्री और वर्ष 1966 का दाखिल-खारिज पर सवाल
सभा में आंदोलनकारी महमूद ने कहा कि कुछ तथाकथित अपने दावे के समर्थन में वर्ष 1949 की रजिस्ट्री पट्टा और वर्ष 1966 का दाखिल-खारिज दिखाते हैं, लेकिन रजिस्ट्री के 60 वर्षों तक भूमि पर वास्तविक कब्जा नहीं लिया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1983 तक राजस्व विभाग गागी हाट की नीलामी करता रहा है और वर्ष 1984 से यह बाजार समिति फुसरो के अधीन चला गया, जिसने वर्ष 2012 तक यहां से कर वसूली की।
वर्ष 2012 के बाद बढ़ा गागी हाट का अतिक्रमण
आंदोलनकारी महमूद का आरोप है कि वर्ष 2012 के बाद सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण में बाजार भूमि पर संरचनाएं बनाकर अतिक्रमण तेज किया गया, जिसके चलते बाजार बरोज सनिचर का नाम तक जमीनी स्तर से मिटता जा रहा है। उन्होंने राजस्व विभाग पर कार्रवाई में शिथिलता और टालमटोल का आरोप लगाया। बताया कि राजस्व विभाग के प्रधान सचिव को स्वयं उपस्थित होने के लिए उच्च न्यायालय रांची (झारखंड) द्वारा 23 जुलाई 2024 को आदेश पारित करना पड़ा, जो मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
सभा में गागी हाट को पुनः उसके मूल स्वरूप में स्थापित करने के लिए सघन जन अभियान चलाने की घोषणा की गई। सभा की अध्यक्षता पंचानन महतो तथा संचालन दिवाकर महतो ने किया। मौके पर उपस्थित स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने भी बाजार को अतिक्रमण मुक्त कर पुनर्स्थापित करने की मांग दोहराई, ताकि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां पुनः सशक्त हो सके।
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