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बोकारो के कसमार में लर्निंग कार्यशाला तथा इंटरफ़ेस बैठक आयोजित

बाल विवाह की समाप्ति के लिए संगठित प्रयास की जरूरत-बबीता

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड में सरकारी पदाधिकारियों एवं विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की सहभागिता से परियोजना आधारित लर्निंग कार्यशाला सह इंटरफेस मीटिंग का आयोजन 20 फरवरी को सहयोगिनी संस्था द्वारा किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम, किशोरियों में नेतृत्व क्षमता का विकास तथा युवाओं और किशोरियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना रहा।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला परिषद उपाध्यक्ष बोकारो बबीता कुमारी रहीं। इस अवसर पर जिला युवा अधिकारी गौरव कुमार एवं कसमार के अंचल अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में दुर्गापुर मुखिया अमरेश कुमार महतो, खैराचातर मुखिया विजय कुमार जायसवाल, पोंडा मुखिया हारु रजवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, सहिया, किशोरियां एवं बड़ी संख्या में किशोरी लीडर उपस्थित थी।

मौके पर मुख्य अतिथि जिप उपाध्यक्ष बबीता कुमारी ने कहा कि बाल विवाह समाज की जड़ों को कमजोर करता है, जिसे रोकने के लिए समुदाय, पंचायत प्रतिनिधियों एवं प्रशासन को मिलकर निरंतर प्रयास करने होंगे। उन्होंने प्रखंड क्षेत्र के किशोरियों को शिक्षित, आत्मनिर्भर और नेतृत्वक्षम बनाने पर विशेष बल दिया। बोकारो जिला युवा अधिकारी गौरव कुमार ने युवाओं को क्लब के माध्यम से संगठित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि युवाओं को सरकार के माई भारत पोर्टल में पंजीकरण कराना जरूरी है, जिससे वे खेलकूद सामग्री, प्रशिक्षण, स्वयंसेवी गतिविधियों एवं अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सके।

कसमार के अंचल अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह ने बाल विवाह रोकथाम से जुड़े कानून एवं प्रशासनिक भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने सावित्री बाई फूले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, स्पॉन्सरशिप योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी तथा कहा कि इन योजनाओं का लाभ पात्र किशोरियों तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में सहयोगिनी संस्था के कार्यक्रम समन्वयक कुमारी किरण तथा प्रकाश कुमार महतो ने बताया कि संस्था कसमार प्रखंड के 30 गांवों में किशोरी क्लब के माध्यम से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किशोरियों को नेतृत्व क्षमता विकास, जीवन कौशल एवं विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा रहा है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।

इस अवसर पर तेलमुंगा सहिया चन्द्ररेखा मसीह ने किशोरियों के स्वास्थ्य, मासिक धर्म, स्वच्छता एवं पोषण पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की तथा स्वच्छता अपनाने की अपील की। कार्यशाला के दौरान किशोरियों ने सावित्री बाई फूले किशोरी समृद्धि योजना, स्कॉलरशिप की राशि भुगतान एवं सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने को लेकर जिला परिषद उपाध्यक्ष एवं अंचल अधिकारी को लिखित आवेदन भी सौंपा। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह पर रोक, किशोरियों एवं युवाओं के सशक्तिकरण तथा उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए निरंतर जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम का समापन सामाजिक बदलाव एवं सशक्त भविष्य के संकल्प के साथ किया गया। मौके पर सहयोगिनी संस्था की मंजू देवी, बिनीता देवी, संगीता देवी, रेखा देवी, पुष्पा देवी, विकाश गोस्वामी, लाडली खातून, माला कुमारी, नेहा कुमारी, प्रीति कुमारी, षष्ठी कुमारी, ममता कुमारी, पूजा कुमारी, पायल कुमारी सहित अन्य उपस्थित थे।

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