प्रहरी संवाददाता/ तेनुघाट (बोकारो)। हरतालिका तीज (गणेश चतुर्थी) पर्व के अवसर पर 21 अगस्त को सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए की निर्जला व्रत किया। मालूम हो कि इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। ये व्रत निराहार और निर्जला किया जाता है। सुहागिन महिलाएं 21 अगस्त की सुबह से रात तक यानी पूरे दिन व्रत रखकर पूजा की।
इस व्रत के बारे में पुजारी राजू पांडेय ने बताया कि पार्वती जी भगवान शिव को पति के रूप में पाना चाहती थी। जिसके लिए उन्होंने घोर तपस्या की। उनके पिता ने उनका विवाह भगवान विष्णु से तय कर दिया था। मां पार्वती ये विवाह नहीं करना चाहती थीं। तब पार्वती जी की सखियों ने उनकी मदद की। सखियां उनका अपहरण कर उन्हें जंगल में ले गईं। सखियों ने उनका हरण किया, इसलिए इस व्रत का नाम हरतालिका तीज पड़ गया।
मां पार्वती की घोर तपस्या से प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें दर्शन दिए और उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। पूजा में माता पार्वती को सुहाग की सामग्री चढ़ाई जाती है। सुहागिन महिलाओं ने हरतालिका तीज के लिए नदी तालाब से बालू लाकर भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा बनाती हैं। इसके बाद पूजा करती हैं। बालू पूजा के लिए बालू लाने के लिए तेनुघाट मुखिया रेखा सिन्हा, रहिवासी महिला सुनीता सिन्हा, पूनम सिन्हा, शालिनी सिन्हा, ममता कटरियार, अनीता विश्वनाथन, जया विश्वनाथन, पूजा देवी सहित कई सुहागिन महिलाएं मौजूद थे।
![]()











