प्रहरी संवाददाता/बोकारो। बोकारो जिला के हद में बेरमो प्रखंड के जारंगडीह रहिवासी 51 वर्षीय मनमोहन सिंह उर्फ पप्पू सिंह का निधन बीते 3 फरवरी की संध्या आरएमसीएच रांची में हो गया। वे विगत छह महीनों से बीमार चल रहे थे।
रिम्स अस्पताल के चिकित्सक के अनुसार पप्पू सिंह का लिवर डैमेज हो गया था। परिवार के सदस्यों ने उन्हें सीएमसी वेल्लोर से इलाज करवा रहे थे। इस दौरान कुछ ठीक होने के बाद उन्हें घर लाया गया था। अचानक तबियत खराब होने पर उन्हें आरसीएमएच रांची में भर्ती कराया गया था, जहां तीन फरवरी की संध्या लगभग 5.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उस समय उनके साथ अस्पताल में उनके तीनों बच्चे और पत्नी साथ में थे।
बताया जाता है कि एलआईसी एजेंट सिंह के परिजनों ने उनके पैतृक गांव बिहार के गया जिला के हद में लहथुआ लेकर चले गए, जहां 4 फरवरी को परिजनों द्वारा उनका अंतिम संस्कार किया गया। स्वर्गीय सिंह भारतीय जीवन बीमा निगम में अभिकर्ता थे। वे अपने पीछे एक भरा पूरा परिवार छोड़ गए है।उनके परिवार में वृद्ध पिता सुरेंद्र सिंह सहित माता, तीन छोटे भाई, दो पुत्र और एक छोटी पुत्री छोड़कर चले गए। पिछले वर्ष ही उन्होंने अपनी पुत्री का विवाह की थी। बड़ा पुत्र दिवाकर सिंह और छोटा पुत्र प्रभाकर सिंह हैं। दोनों बेरोजगार हैं। पत्नी रीना देवी पर दोनों पुत्रों की परवरिश की जिम्मेवारी है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दिवंगत सिंह मृदुभाषी थे। उनके निधन की सूचना के बाद जारंगडीह का पूरा चीफ क्वाटर और अपर बंगला रहिवासी मर्माहत है। उनके निधन की खबर पाते हीं उनके जारंगडीह निवास स्थल पर पूरा मुहल्ला भर गया। सभी ने शोकाकुल परिवार को ढाढस बंधाया। शोक संवेदना व्यक्त करनेवालों में शिवपूजन सिंह, महेश प्रसाद, आर पी सिंह, वरुण सिंह, अनिल सिंह, शारदेंदु सिंह, राम अयोध्या सिंह, भोला सिंह, केदार यादव, अमरेश सिंह, पिंकू झा, राजेश सिंह, निजाम अंसारी, रिंटु सिंह, मनोज सिंह, रंजीत यादव सहित सैकड़ों महिला पुरुष शामिल थे। स्वर्गीय सिंह का छोटा भाई मनोरंजन सिंह जारंगडीह आवास पर ही थे। वे परिजनों को लेकर रात्रि में ही पैतृक गांव गया जिला के हद में लहथुआ की ओर निकल गए।
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