एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची में होनेवाले नगर निगम चुनाव को लेकर नामांकन का काम संपन्न हो गया है। अब निगम क्षेत्र के मतदाताओं की जिम्मेवारी बढ़ गयी है।
उक्त बाते रांची सिटीजन फोरम के अध्यक्ष दीपेश निराला ने 4 फरवरी को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही।
उन्होंने कहा कि अब आप मतदाताओं की जिम्मेदारी बढ़ गई है, क्योंकि अब आपको देखना है कि कौन सा प्रत्याशी पिछले 3 वर्षों से आपके वार्ड के लिए बढ़िया काम कर रहा था। कौन अभी यकायक उठकर नामांकन कर दिया है। कहा कि वोट देने से पहले इन मुद्दों को जरा याद कर लीजियेगा।
उन्होंने आमजनो का आह्वान करते हुए कहा कि पूरा शहरी क्षेत्र में हल्की बारिश में भी जल जमाव। गर्मी में भीषण पेयजल संकट, टैंकर के भरोसे जीवन। हर ओर जगह-जगह कूड़ा-कचरा का जमाव और उसका अनियमित उठाव। टूटा-फूटा गढ्ढ़ा युक्त सड़क। कई क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां प्रतिदिन झाड़ू तक नहीं लगता है। गंदी बजबजाती बिना स्लैब के खुली नालियां और बेतरतीब सीवरेज-ड्रेनेज सिस्टम।
नल जल का कनेक्शन दे दिया गया है, पाइपलाइन बिछ गई है लेकिन पानी नहीं है। राजधानी की गलियां अतिक्रमित है। इन संकरी गलियों में एंबुलेंस और स्कूल बस भी नहीं आ पाता है। स्ट्रीट लाइट का हाल बुरा है। आधा से ज्यादा लाइट खराब पड़े हैं। गलियों में आवारा कुत्तों का आतंक है। पार्क, खेल के मैदान और तालाब धीरे-धीरे गायब होते जा रहे हैं।
अपराध, चैन छिनतई, चोरी जैसे घटनाएं बढ़ते जा रहे हैं। सामुदायिक शौचालय की स्थिति खराब है, जहां पानी का संकट है और सफाई होती नहीं है। सड़क अतिक्रमित हैं और ट्रैफिक जाम रहता है। जिन पाइपलाइन से पानी की सप्लाई हो रही है, वह अक्सर फटते रहते हैं और हजारों गैलन पानी बर्बाद होता रहता है। भवन नियमितीकरण का काम आज तक नहीं किया गया।
वार्ड क्षेत्र में रोजगार-धंधों का सृजन नहीं है। ट्रेड लाइसेंस, जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, इत्यादि बनवाने के लिए बार-बार दौड़ लगाना पड़ता है। सिटी बसों का हाल बेहाल है। मोहल्ला क्लीनिक में दवा और जांच की सुविधा नदारद है। सब्जी मंडी, बाजार हाट में गंदगी का अंबार लगा है।
रांची सिटीजन फोरम अध्यक्ष दीपेश निराला ने नगर निगम क्षेत्र से उपरोक्त ज्वलंत मुद्दों पर विचार करते हुए मतदान करने की अपील की है।
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