प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। सीसीएल प्रबंधन की अनदेखी के कारण झारखंड सरकार को राजस्व की हो रहे नुकसान के संबंध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बोकारो जिला सचिव एवं झारखंड आंदोलनकारी इफ्तिखार महमूद ने आरोप लगाया है कि सीसीएल के मात्र पांच कोयला क्षेत्र से प्रतिदिन आठ हजार टन अवैध कोयले का कारोबार किया जा रहा है।
महमूद के अनुसार हजारीबाग जिला के हद में चरही क्षेत्र, रामगढ़ जिला के हद में रजरप्पा क्षेत्र, बोकारो जिला के हद में कथारा, बीएंडके एवं ढोरी क्षेत्र के इलाकों से प्रतिदिन एक करोड रुपए से भी अधिक का नुकसान झारखंड सरकार को हो रहा है।
झारखंड सरकार के मुख्य सचिव को भेजे पत्र को 3 फरवरी को प्रेस के लिए जारी करते हुए भाकपा नेता महमूद ने कहा कि कोयला का अवैध कारोबार से सीसीएल तथा बीसीसीएल का कोयले का बिक्री घट गया है। कहा कि बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) मनोज कुमार अग्रवाल ने भी बिक्री घटने की बात को स्वीकार किया है। महमूद ने कहा है कि सीसीएल के सिर्फ उपर्युक्त पांच एरिया से प्रतिदिन लगभग 8000 टन कोयले का अवैध कारोबार होने की सूचना है। कहा कि झारखंड शेष, रॉयल्टी, बाजार शुल्क, फॉरेस्ट ट्रांसिल फीस, डीएमएफ इत्यादि 9 तरह का राजस्व एवं शुल्क कोयला कंपनियों से राज्य सरकार लेती है।
एक टन पथरीला कोयला जिसे आरओएम कहा जाता है, की कीमत फिलहाल 3600 रुपया है। जिसमें राज्य सरकार को 1412 रुपया प्राप्त होता है। अवैध कारोबारी एक ट्रक में 40 से 50 टन कोयला ट्रांसपोर्ट करते हैं। जानकारी के अनुसार उपरोक्त कोयला क्षेत्र से प्रतिदिन 8000 टन कोयला का अवैध कारोबार हो रहा है। जिससे राज्य सरकार को विभिन्न तरह के राजस्व के रूप में एक करोड़ 12 लाख रुपए से भी अधिक का नुकसान हो रहा है। राजस्व की हो रही उपर्युक्त भारी नुकसान के प्रति राज्य सरकार के अनदेखी पर महमूद ने खेद प्रकट किया है तथा मुख्य सचिव से तत्काल मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
![]()













Leave a Reply