गुप्त बैठक की जानकारी पाकर बैठक-स्थल पर पहुंचे आक्रोशित ग्रामीण
प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में सीसीएल बीएंडके प्रक्षेत्र द्वारा चलकरी ग्राम में प्रस्तावित सोलर पावर प्लांट निर्माण को लेकर 2 फरवरी को अचानक जन सुनवाई के लिए बैठक के खिलाफ विस्थापितों का आक्रोष उबल पड़ा।
बताया जाता है कि विस्थापितों को बिना सूचना दिए सीसीएल के अधिकारियों, नियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में चलकरी दक्षिणी पंचायत के नकटीटांड़ मैदान में बैठक करने की सूचना मिलते ही प्रभावित रहिवासी गुस्से में आ गए। जहां भी जिसे खबर मिली सभी बैठक स्थल की ओर पहुंचने लगे।
बताया जाता है कि बड़ी संख्या में आदिवासी विस्थापित तीर धनुष, टमाक और पारंपरिक हथियारों से लैश होकर बैठक स्थल पर पहुंच गए। जब अधिकारियों से पूछा गया कि बिना सूचना के गांव में जनसुनवाई की बैठक कैसे हो रही है।नियुक्त दंडाधिकारी और अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। ग्रामीणों ने साफ कहा कि ठीकेदारों और दलालों के बहकावे में बिना आम सहमति के सोलर पावर प्लांट लगाने की कोशिश की गई तो अशांति और तनाव बढ़ेगा। जिसकी सारी जवाबदेही सीसीएल प्रबंधन की होगी।
हम विस्थापित ग्रामीण अपनी जमीन सीसीएल को सोलर पावर प्लांट लगाने या कोई निजी कंपनियों को लीज या बेचने के लिए नहीं दिए हैं। सीसीएल हमारी जमीन बेचने का काम करेगी तो यह बर्दास्त नहीं होगा। कहा गया कि पिछले दिनों कारगली गेस्ट हाउस में दंडाधीकारी द्वारा सुनाए फैसले को लागू करें, तभी कोई कदम बढ़ाएं अन्यथा क्षेत्र में अराजकता की स्थिति पैदा होगी।
दूसरी ओर विस्थापित ग्रामीणों के तेवर की नजाकत को भांपते हुए जल्दबाजी में यह कहकर बैठक टाल दी गई कि अगली बैठक सभी को सूचना देकर आयोजित होगी। तभी कोई काम होगा। मौके पर मौजूद जिला परिषद सदस्य अशोक मुर्मू ने कहा कि सीसीएल का तुगलकी फरमान नहीं चलेगा। आदिवासी और आदिवासी गांवों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। विस्थापित नेता और झारखंड आंदोलनकारी भुवनेश्वर केवट ने कहा कि हमने अपनी जमीन देश के विकास में कोयला खनन कार्य के लिए दिया है। हमारी जमीन निजी कंपनियों को सौंप कर कमाई और कमीशन की धंधेबाजी की जाएगी तो हमे मंजूर नहीं है।
कथित जनसुनवाई की जानकारी मिलने पर बैठक-स्थल पर पहुंचने वालों में विस्थापित रैयत शिरोमणि मंडल, जिप सदस्य अशोक कुमार मुर्मू, चलकरी उत्तरी पंचायत के मुखिया अकलेश्वर ठाकुर, पंचायत समिति सदस्य इंद्रजीत मंडल, दक्षिणी पंचायत के मुखिया पति दुर्गा सोरेन, विस्थापित प्रतिनिधि सह भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य भुनेश्वर केवट सहित राज केवट, लालेश्वर टुडू, काशीनाथ सोरेन, होपन मांझी, राजाराम सोरेन, चुनीलाल केवट, सुरेश मांझी, रामप्रसाद मांझी, विमला देवी, सुमति मुर्मू, शकुंतला देवी, सोनिया देवी आदि मुख्य रूप से उपस्थित होकर अपनी आपत्तियों से दंडाधिकारी और अधिकारियों के टीम को अवगत कराया।
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