प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 649 वीं जयंती एक फरवरी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ अनुमंडल स्तरीय जयंती समारोह मनाई गई। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता तथा मद्ध निषेद मंत्री योगेंद्र प्रसाद शामिल हुए।
इस अवसर पर मंत्री ने सर्व प्रथम संत शिरोमणि रविदास मंदिर में पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और नमन किया। तत्पश्चात समिति के पदाधिकारियों द्वारा मंत्री को शॉल ओढ़कर तथा पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। इसके उपरांत छोटे छोटे बच्चियों द्वारा स्वागत गान एवं नृत्य प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि खास कर युवा पीढ़ियों से संत रविदास के बताए मार्गो में चलने एवं उनके आदर्श और विचार धाराओं को स्थापित करने की अपील की। कहा कि तभी एक सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संत रविदास की जयंती आज पूरे देश में मनाई जा रही है। वें किसी एक समाज देस की शिरोमणि और गुरु माने जाते है। उन्होंने समिति का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हम सदैव आपके साथ थे और आगे भी आपके साथ खड़े रहेंगे।
जयंती समारोह सभा स्थल से सर्व प्रथम लगभग साढ़े बारह बजे भव्य शोभा पदयात्रा निकाली गई। सैकड़ों गणमान्य महिला, पुरुष, बुजुर्ग एवं बच्चों सहित गोमिया के पूर्व विधायक डॉक्टर लम्बोदर महतो एवं उनकी पत्नी कौशल्या देवी भी शामिल रहें। शोभा यात्रा बिरसा चौक स्थित भगवान बिरसा मुंडा एवं सिद्धू कानू के प्रतिमा के पास पहुंच कर उनके प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया। पुर्व विधायक ने अपने विधायकी कार्यकाल में दी गई सामुदायिक भवन का भी नारियल फोड़ कर भवन का उद्घाटन किया।

मौके पर गिरिडीह सांसद सीपी चौधरी, बेरमो विधायक कुमार जय मंगल सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी, बेरमो के अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुवा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह, जिप सदस्या माला कुमारी, तेनुघाट पंचायत की मुखिया नीलम श्रीवास्तव, पेटरवार सीओ अशोक राम आदि मौजूद थे।
संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती कार्य को सफल बनाने में आश्रम के अध्यक्ष हरेंद्र रविदास, सचिव सहदेव राम, आयोजन समिति सचिव प्यारे लाल, बैजू रविदास, राजू रविदास, उमेश रविदास, दिलीप रविदास, कुलेश्वर रविदास, प्रो. धनंजय रविदास, बालगोविंद रविदास, अजय रविदास, किशुन रविदास, उमाशंकर रविदास, अशोक रविदास, मुरली रविदास आदि का सहयोग सराहनीय रहा।
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