एस. पी. सक्सेना/बोकारो। अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयोजन में ईस्पातांचल स्वदेशी मेला बोकारो के सेक्टर चार स्थित मजदूर मैदान में 31 जनवरी को शानदार कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। अध्यक्षता डॉ परमेश्वर लाल वर्णवाल ने की।
इस अवसर पर डॉ वर्णवाल ने कहा कि स्वदेश प्रेम स्वदेशी जागरण मंच द्वारा बोकारो शहर में मेले का आयोजन स्वदेशी उत्पाद् के प्रति आमजनों का प्रेम दर्शाता हैं। कहा कि यहां स्वदेशी मन स्वदेशी सामान है। डॉ रेणुका सिन्हा की स्वदेशी की शक्ति, ब्रह्मानंद गोस्वामी की मन में स्वदेशी तन में स्वदेशी, बोकारो की चर्चीत कवियत्री गीता कुमारी गुस्ताख ने जग छूटता नहीं गाकर खुब वाह वाही लूटी। गंगेश कुमार पाठक ने रोम रोम में राम बसे हैं अपना मन स्वदेशी हैं, कुमकुम बृजनाथ ने सात चक्र और ईश्वरत अनिता किरण की नारी तुम श्रद्धा नहीं समस्त श्रृष्टि की संज्ञान हो। सुधारानी की ब्रेकिंग न्यूज, कवियत्री आंचल की माॅं शारदे के मधूर गीत से कवि सम्मेलन की शुरुआत की गयी।
कवि सम्मेलन में स्थानीय कवि दीनानाथ ठाकुर की वन्दे मातरम् काफी ओजपूर्ण रही। डॉ रंजना श्रीवास्तव की एक बार तुम जन्म लो बापू, दयानंद सिंह की स्वदेशी जागरण, आचार्य बचपन बृजनाथ की इस कदर प्यार को झेलना कीजिये। अशोक पारस की स्वदेशी कविता की प्रस्तुति ने कवि सम्मेलन में चार चांद लगा दिया।
![]()













Leave a Reply