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जेपीएससी उम्र सीमा विवाद, युवाओं का भविष्य, राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग

उम्र-सीमा विसंगति युवाओं के भविष्य से खिलवाड़-डॉ लम्बोदर महतो

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। गोमिया के पूर्व विधायक डॉ लम्बोदर महतो ने झारखंड के राज्यपाल डॉ संतोष गंगवार से शिष्टाचार भेंट कर जेपीएससी संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा 2025 (विज्ञापन संख्या 1/2026) में उम्र-सीमा की गणना को लेकर उत्पन्न गंभीर विसंगति पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

पुर्व विधायक ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की इस लापरवाही से राज्य के हजारों योग्य छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। डॉ महतो ने राज्यपाल को अवगत कराया कि विज्ञापन संख्या 1/2026 में उम्र-सीमा की गणना 1 अगस्त 2026 के आधार पर की गई है, जबकि पूर्व के विज्ञापन संख्या 1/2024 में अधिकतम उम्र की गणना 1 अगस्त 2017 तथा न्यूनतम उम्र 1 अगस्त 2024 के अनुसार की गई थी।

एक ही आयोग द्वारा नियमों में इस तरह का बदलाव गंभीर सवाल खड़े करता है। पूर्व विधायक डॉक्टर महतो ने कहा कि यह कोई तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ किया गया खुला अन्याय है। कहा कि जेपीएससीa बार-बार नियम बदलकर योग्य अभ्यर्थियों को बाहर करने का काम कर रहा है। यह असंवैधानिक है और युवाओं के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

यदि जल्द इस विसंगति को दूर नहीं किया गया, तो हजारों छात्र-छात्राओं को बिना गलती के परीक्षा से वंचित होना पड़ेगा, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप कर जेपीएससी को विज्ञापन में आवश्यक संशोधन का निर्देश दिया जाए, ताकि छात्रों को उनका वाजिब हक मिल सके।

इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को बोकारो जिला ग्राम सभा मंच के वार्षिक सम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण भी दिया। मौके पर प्रमुख रूप से राजेश कुमार महतो, मदन महतो, मोतीलाल मांझी, सोहन प्रसाद, शशि शेखर आदि उपस्थित थे।

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