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रिश्तों को कलंकित करनेवाले चचेरे भाई को 20 साल का कारावास व् 50 हजार अर्थदंड

गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली के जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह पॉक्सो अधिनियम के विशेष न्यायाधीश ने एक नाबालिग किशोरी के साथ लगभग डेढ़ साल तक दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती बनाने के जुर्म में उसके चचेरे भाई गुड्डू सहनी और उसके साथी बजरंगी सहनी को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की कड़ी सजा और 50 हजार का अर्थ दण्ड की सजा सुनाई है।

घटना वर्ष 2021 की बतायी जा रही है। घटना के संबंध में बताया गया है कि वैशाली जिला के हद में लालगंज थाना क्षेत्र की एक 16 वर्षीय किशोरी को उसका सगा चचेरा भाई बहला-फुसलाकर अपने दोस्त के खाली मकान में ले गया। वहां उसने अपनी बहन के साथ दरिंदगी की और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। मासूम डर के मारे खामोश रही, लेकिन दरिंदगी का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। कुछ समय बाद आरोपी ने अपनी मां की बीमारी का झूठा बहाना बनाकर किशोरी को रास्ते से अगवा किया और अपने दोस्त बजरंगी के साथ मिलकर दोबारा उसकी अस्मत को तार-तार किया।

बताया गया कि सितंबर 2022 में जब किशोरी के पेट में दर्द हुआ, तब उसकी मां ने जांच करवाई। पता चला कि उसकी बेटी गर्भवती है। दबाब देने पर किशोरी ने अपनी मां को आपबीती बताई। इसके बाद उसकी मां आरोपी से पूछताछ करने गई तो उसने उसे 4 हजार रुपये देकर गर्भपात कराने की कोशिश करने लगा। लेकिन उसकी मां ने महिला थाने में आरोपी व उसके दोस्त के विरुद्ध प्राथमिकी कराई।

मामले में पुलिस द्वारा जांच कराने पर किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि होने के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध 4 नवंबर 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया गया। इस मामले में दोनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में 10 नवंबर 2021 को संज्ञान लेकर 31 जनवरी 2023 को आरोप गठित किया गया। इस बीच पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चा का आनुवंशिक परीक्षण कराया गया, जिसमें आरोपी को उसके जैविक पिता होने की पुष्टि की गई।

इस मामले में सजा की बिंदु पर 30 जनवरी को सुनवाई के बाद लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 06 में दोनों आरोपितों को 20-20 वर्ष की सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। संबंधित न्यायालय द्वारा अर्थदंड की राशि पीड़िता को भुगतान करने का आदेश दिया गया है।

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