सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। नवरात्रि के छठवें दिन 28 सितंबर को श्रद्धालुओं ने माँ दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने घरों और मंदिरों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ माता की आराधना कर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की।
इस अवसर पर सुबह से ही पूजा-पंडालों और मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। जगह-जगह भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। मां कात्यायनी को शक्ति और साहस की देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि उनकी आराधना से साधक को कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सफलता प्राप्त होती है। इसी आस्था के साथ भक्तों ने मां की पूजा कर पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किए। महिलाएं व्रत रखकर पूरे दिन मां की सेवा में लीन रहीं और संध्या के समय विशेष आरती का आयोजन किया जाएगा।
नवरात्र के इस दिवस मंदिरों में विशेष सजावट की गई थी। भक्ति गीतों और मंत्रोच्चारण से वातावरण गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं द्वारा महानवमी पर कन्या पूजन कर कुंवारी कन्या को भोजन व उपहार प्रदान किए जाएंगे। भक्तों का कहना था कि मां कात्यायनी की कृपा से जीवन में शक्ति, साहस और समृद्धि प्राप्त होती है।
नवरात्रि पर्व के इस मौके पर पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा सहित पूरा क्षेत्र देवी भक्ति में सराबोर नजर आया। महिलाएं और बच्चियां पारंपरिक वेशभूषा में पूजा-पाठ में शामिल हुईं। आने वाले दिनों में दुर्गा सप्तमी और अष्टमी के पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
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