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जिला प्रशासन व् कंपनी के संयुक्त सहमति से होगा सीएसआर कार्य-उपायुक्त

जिले के दिव्यांग जनों को सीएसआर से मुहैया कराया जाएगा उपकरण-डीसी

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। गोपनीय कार्यालय कक्ष में 26 सितंबर को बोकारो जिला उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने जिला स्तरीय कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) की बैठक की। मौके पर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता (एसी) मो. मुमताज अंसारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) रवि कुमार, प्रभारी पदाधिकारी सीएसआर शक्ति कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

बैठक में बोकारो जिले में संचालित कंपनियों के सीएसआर कार्यों की रूपरेखा और दिशा-निर्देश तय किए गए। यह निर्णय लिया गया कि सभी सीएसआर परियोजनाएं जिला प्रशासन और कंपनियों की संयुक्त सहमति से ही संचालित होंगी। डीसी झा द्वारा सभी कंपनियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने प्रभावित क्षेत्रों को रेड और ऑरेंज जोन में विभाजित करें। रेड जोन में प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र के रहिवासी शामिल होंगे। जबकि, ऑरेंज जोन में अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र के रहिवासी शामिल होंगे।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि, रेड जोन में प्रभावितों के परिजन भी शामिल होंगे, जिनके योगदान से कंपनियां स्थापित हैं। इस प्रकार से सीएसआर कार्य अधिक प्रभावी और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप होंगे। डीसी ने कहा कि बोकारो जिले में विभिन्न कंपनियों के तहत संचालित सीएसआर कार्यों की अद्यतन स्थिति से जिला सीएसआर समिति को अवगत कराएं और इसे नियमित जारी रखें। साथ ही, कोई भी नई सीएसआर योजना जिला स्तरीय समिति की सहमति के बिना शुरू नहीं की जाएगी, ताकि सभी परियोजनाएं स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुरूप और प्रभावी हो।

बैठक में उपायुक्त ने कंपनियों को जिले की प्राथमिकताओं से अवगत कराया। साथ हीं निर्देश दिए कि सीएसआर कार्य विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, खेलकूद, कौशल विकास एवं आजीविका, महिला उद्यमिता और एसएसजी (स्वयं सहायता समूह) क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर केंद्रित हो। उन्होंने बैठक में सरल उदाहरण देकर कहा कि सीएसआर केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि विकास की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है। इसका उद्देश्य सीधे तौर पर समुदायों के जीवन स्तर में सुधार लाना होना चाहिए।
बैठक में दिव्यांगजनों के लिए विशेष पहल पर चर्चा की गयी।

उपायुक्त ने कहा कि जिले में एक दिव्यांग केंद्र स्थापित किया जाएगा। जहां दिव्यांगजनों के लिए विभिन्न सेवाएं और सहायक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उक्त केंद्र से दिव्यांग जनों को ई-साइकिल, ट्राई साइकिल और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। कहा गया कि इस पहल से जिले के दिव्यांग जनों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। कहा गया कि दिव्यांग किसी के दया के पात्र नहीं है। वे गर्व से जीवन व्यतीत करें, हमें ऐसी व्यवस्था करनी है।

उपायुक्त झा ने कंपनियों से कहा कि वे जिले में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय और राजकीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में सक्रिय रोल निभाएं। आयोजनों के संचालन और प्रायोजन में कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित हो। कंपनियां स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके लिए प्रशिक्षण व संसाधनों की व्यवस्था करने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि खेल न केवल स्वास्थ्य और अनुशासन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि जिले की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करते हैं। ऐसे में कंपनियों का योगदान महत्वपूर्ण है। कहा कि जिला प्रशासन की योजना है कि बोकारो में प्रत्येक वर्ष 3 राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाए। इस वर्ष जिले में राष्ट्रीय स्तर का ताइक्वांडो एवं कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

बैठक में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल), वेदांता ईएसएल, बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल), इंडियन ऑयल (आइओसीएल), टीटीपीएस ललपनिया, डीवीसी बोकारो थर्मल व् चंद्रपुरा, बीपीसीएल के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

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