एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में बेरमो कोयलांचल का जीवन रेखा माने जाने वाला सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के कारगली वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का जीर्णोद्धार विगत 3 वर्षों से मेकॉन कंपनी द्वारा कच्छप गति (कछुआ के चाल) से की जा रही है। जिससे क्षेत्र के कॉलोनी में रहने वाले लगभग एक लाख रहिवासी पीने का पानी के लिए तरस रहे हैं।
ज्ञात हो कि वर्ष 1964 में करगली स्थित दामोदर नदी तट पर स्थापित इस संयंत्र से करगली गेट, डबल स्टोरी करगली, करगली बाजार, सुभाष नगर, जवाहर नगर, कारो, रामनगर, बेरमो सीम, गांधीनगर, संडे बाजार, कुरपनिया आदि जगहों मे स्वच्छ जल की आपूर्ति किया जाता रहा है। अभी तक मेकॉन कंपनी द्वारा एक क्लेरिफ्लोक्यूलेटर टैंक (केरीफाई) को चालू किया गया है। दूसरा केरीफाई का जीर्णोद्धार कार्य जल्द शुरू होने वाली है। तीन फिल्टर बेड में एक ही बेड का काम अभी तक कंप्लीट हुआ है। दो बेड में अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है।
सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के महाप्रबंधक (जीएम) चितरंजन कुमार के नेतृत्व में क्षेत्र में प्रतिदिन 5 मिलियन गैलन पानी की आपूर्ति की जा रही है। नवीनीकरण की ज़िम्मेदारी झारखंड की राजधानी रांची के सार्वजनिक उपक्रम मेकॉन को सौंपी गई है, जिसने संयंत्र के प्रमुख उपकरणों जैसे फिल्टर बेड, एरेटर और पंपों को नए सिरे से विकसित करना है।
क्षेत्र के अधिकारियों ने इस बावत कहा कि सीसीएल न केवल शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है, बल्कि वितरण पाइप लाइन के सुधार पर भी कार्य कर रही है।
सीसीएल अपने कई वाटर फिल्टर प्लांट का कर रहज है नवीनीकरण
ज्ञात हो कि, सीसीएल पूरे कोलफील्ड क्षेत्र में 10 पुराने जल संयंत्रों के नवीनीकरण और 6 नए संयंत्रों की स्थापना की योजना पर भी कार्य कर रही है। इससे न केवल तकनीकी आधार मजबूत होगा, बल्कि कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।
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