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आयोग का कमाल योगेश का पिता शमी अहमद तो रफत प्रवीण का पिता ईश्वरचंद साह दर्ज

मारवाड़ी बाजार के एक ही मकान में हिंदू-मुस्लिम 51 मतदाता-सुरेंद्र प्रसाद सिंह

मकान संख्या जीरो भी दर्ज, मतदाता सूची गड़बड़ी का पुलिंदा-सुरेंद्र

एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिला में चुनाव आयोग द्वारा जारी मतदाता सूचि में कई प्रकार की खामियां उजागर हो रहा है। इस पर कार्रवाई जरूरी है।

जानकारी के अनुसार समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र 133 के बूथ संख्या 212 दायां भाग मारवाड़ी बाजार में एक ही मकान संख्या एक में क्रम 5 से 53 तक 51 मतदाता रहते हैं, उसमें भी हिंदू-मुस्लिम एक ही घर में एक साथ रहते हैं। मकान संख्या 4 में क्रम संख्या 64 से 85 तक 21 हिंदू-मुस्लिम मतदाता एक साथ रहते हैं। क्रम संख्या 154 पर हिंदू योगेश कुमार (38), मतदाता पहचान पत्र संख्या XQU0709022 का पिता का नाम मुस्लिम शमी अहमद तो क्रम संख्या 197 पर मुस्लिम महिला रफत प्रवीण (39), मतदाता पहचान पत्र संख्या KLY5113642 का पिता का नाम हिंदू ईश्वरचंद साह दर्ज है। क्रम संख्या 756 से मकान संख्या के जगह 763 तक अंबेडकरनगर तो क्रम संख्या 764 से 773 तक मकान संख्या के स्थान पर मारवाड़ी बाजार दर्ज है।

जारी मतदाता सूचि के क्रम संख्या 774 से 777 तक मकान संख्या के जगह मतदाता का नाम दर्ज है। क्रम संख्या 782 से 805 तक मकान संख्या के जगह वार्ड 22-23 दर्ज है। मकान संख्या शून्य बताकर 5 मतदाता का नाम दर्ज है। मकान संख्या के जगह दुकान एवं मतदाता का नाम भी दर्ज किया गया है। जिंदा वोटर को मृतक एवं मृतक को जिंदा बताकर नाम जोड़ा और काटा गया है। यह ड्राफ्ट मतदाता सूची गड़बड़ी का पुलिंदा है।

उक्त आशय की जानकारी देते हुए भाकपा माले समस्तीपुर जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने 10 अगस्त को कहा कि भाकपा माले की एक टीम माले नेता के अलावे ऐपवा नेत्री बंदना सिंह, मो. सगीर आदि ने समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र 133 के बूथ संख्या 212 मारवाड़ी बाजार दायां भाग का गहन अध्ययन के बाद जांच-पड़ताल किया।

इस बूथ पर पुरुष मतदाता 443, महिला मतदाता 395 एवं कुल मतदाता 838 है। इस बूथ पर हिंदू मतदाता के पिता मुस्लिम मतदाता को तो मुस्लिम मतदाता के पिता हिंदू मतदाता को दर्शाया गया है। पिता, पति, पता, मकान संख्या, उम्र आदि में भयंकर गड़बड़ियां की गई है। उन्होंने उक्त शिकायत की जांच कर मतदाता सूची में सुधार कर इसे पारदर्शी बनाने की मांग की है।

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