आरोप निराधार, कार्य नियम संगत-बीडीओ
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रखंड प्रमुख व पंचायत समिति सदस्यों ने 15वें वित्त आयोग के तहत चल रही 15 योजनाओं में गंभीर अनियमितताओं का आरोप कसमार बीडीओ नम्रता जोशी पर लगाया गया। आरोप है कि बीडीओ के सहमति पर लगभग 33 लाख 75 हजार रुपये की गड़बड़ी की गयी है।
प्रखंड प्रमुख नियोति कुमारी ने कहा कि इन योजनाओं में न तो पंचायत समिति से अनुमोदन लिया गया, न लाभुक समिति का सही गठन हुआ और न ही लैंड रिपोर्ट, बिल-वाउचर या फंड ट्रांसफर ऑर्डर जैसी मूलभूत प्रक्रियाओं का पालन किया गया। उन्होंने बताया कि कई योजनाओं में पुराने दस्तावेजों से उठाए गए नाम लाभुक समिति में दर्शाए गए हैं, जिनमें से कई पहले भी अन्य योजनाओं के लाभुक रह चुके हैं। अधिकांश योजनाओं में बिना वैध प्रक्रिया के एकमुश्त 90 प्रतिशत राशि रांची की एजेंसियों यथा नूर मलिक एजेंसी, प्राची इंटरप्राइजेज और नेट स्क्वायर के खाते में भेज दी गई, जबकि नियमानुसार राशि लाभुक समिति के खाते में जानी चाहिए थी।
प्रमुख के अनुसार, योजनाओं के स्थल का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। उदाहरणस्वरूप प्रखंड के हद में हिसीम पंचायत में जलमीनार योजना दर्ज है, पर यह स्पष्ट नहीं है कि किस ग्राम में काम होना है। कुछ मामलों में पुराने ढांचों को नया दिखाकर योजना दर्ज कर दी गई। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया कसमार शाखा के खाते को फ्रीज करने और भुगतान रोकने का आवेदन दिया, बावजूद इसके अबतक खातों को फ्रिज नहीं किया गया। साथ ही डीसी व डीडीसी से दोषियों पर कार्रवाई और गबन की राशि वापसी की मांग की है। प्रखंड प्रमुख के अनुसार उक्त राशि बीडीओ के चालक तथा उनके रिश्तेदार के फर्म के नाम बैंक खाते में स्थानांतरित किया गया है, जिसका प्रमाण उनके पास सुरक्षित है।
प्रखंड प्रमुख के अनुसार गड़बड़ी जिन योजनाओं में हुई, उनमें जलमीनार, पेयजल व्यवस्था और आंगनबाड़ी सौंदर्यीकरण से जुड़ी 15 योजनाएं शामिल हैं। मौके पर कई पंचायतो के पंचायत समिति सदस्यगण उपस्थित थे। इस बावत पुछे जाने पर बीडीओ नम्रता जोशी ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया तथा आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सभी कार्य नियम संगत और प्रक्रिया के अनुसार किए गए हैं। आरोप पूरी तरह निराधार हैं। वहीं मामले की जानकारी होने को लेकर बेरमो के अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुवा ने अनभिज्ञता जाहिर की है। देखना है कि पंसस सदस्यों द्वारा लगाए गये आरोपों में सच्चाई कितनी है।
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