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14 वर्षीय युवती की मौत पर क्यों मौन है मनपा

सांसद संजय दीना पाटिल और आम जनता संघ का पत्र कचरे में जायेगा

कार्यालय संवाददाता/मुंबई। शिवाजी नगर के रफीक नगर में आधे अधूरे नाले की सुरक्षा दीवार के कारण महज 14 वर्षीय युवती की दलदल में समा जाने से मौत हो गई, इससे स्थानीय नागरिकों का गुस्सा उबलने पर है। हालांकि सुरक्षा दीवार के मुद्दे पर स्थानीय सांसद संजय दीना पाटिल व आम जनता सामाजिक सेवा संघ द्वारा महानगर पालिका परिमंडल पांच, एम पूर्व विभाग के सहायक आयुक्त और कार्यकारी अभियंता भास्कर वत्सला विश्वम्भर कसगिकर को लिखित मांग की है कि उक्त ठेका कंपनी पर एफ आई आर दर्ज कराए और उसे मनपा की सूची से ब्लैक लिस्ट किया जाए।

ऐसा नहीं करने पर इस विभाग में चल रहे धांधली के खिलाफ जोरदार आंदोलन किया जायेगा। दरअसल 10 मई 2025 के हादसे में युवती की लाश 3 दिन बाद मिली थी। उस समय उपरोक्त अधिकारियों ने बवाल से बचने के लिए गुस्साए नागरिकों की सारी शर्तें मान ली थी, लेकिन अब तक उसे धरातल पर नहीं उतरा क्यों ?

गौरतलब है कि अधिकारियों की लापरवाहियों के कारण यह हादसा हुआ था। इससे पहले भी दो बच्चे असमय काल के गल में समा चुके हैं। इसे लेकर लोटस कॉलोनी के आम जनता सामाजिक सेवा संघ द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया था। फिलहाल संघ द्वारा फिर से कार्यकारी अभियंता भास्कर वत्सला विश्वम्भर कसगिकर को एक पत्र सौंपा है। इस बार स्थानीय सांसद संजय दीना पाटिल के खास व संघ के अध्यक्ष मोहम्मद खाने ने खुले तौर पर एम/पूर्व के अधिकारियों से कहा है कि मौत का खेल बंद करो, जनता से जो वादा किया था उसे पूरा करो, जिस कंपनी ने आधा अधूरा सुरक्षा दीवार बनाया, उसे ब्लैक लिस्ट करो और उसके मालिक पर एफ आई आर दर्ज कराओ।

मनपा के अधिकारियों ने नागरिकों को झांसे में रखा

अधिकारी को दिए गये पत्र में कहा गया है कि संघ द्वारा पिछली घटना के दौरान नोटिस बांटी गई और जनता को भरोसा दिया गया था। लेकिन मौजूदा स्थिति पहले की तुलना से विपरीत है। महज 14 वर्षीय यूवती के मामले में संज्ञान नहीं लेने वाले भ्रष्ट अधिकारियों और अभियंताओं को निलंबित किया जाना चाहिए। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि 20 अप्रैल 2017 में वहां की झोपड़पट्टी तोड़ने के समय निवासियों को झांसा दिया गया था कि यहां पर बहुत जल्द सुरक्षा दीवार बनाया जाएगा। इसके अलावा हाईवे को जोड़ने वाला रोड भी बनने वाला है। लेकिन अब तक कुछ नहीं बना। जबकि इसे तोड़ने के लिए भ्रष्ट अधिकारियों ने सरकार का करोड़ों रुपया खर्च कर दिया।

झोपड़पट्टी तोड़क कार्रवाई के पीछे का राज

इस कड़ी में दिलचस्प बात यह है कि मनपा एम पूर्व विभाग बिल्डिंग एंड फैक्ट्री और मेंटेनेंस विभाग के अभियंताओं की सोंची समझी रणनित का हिस्सा था। अभियंताओं ने शिवाजी नगर के रफीक नगर में तोड़क कार्रवाई की और विकास का ढिंढोरा पिटा। उक्त तोड़क कार्रवाई से पहले उपरोक्त क्षेत्र में एक माले की झोपडियां थीं। लेकिन तोड़क कार्रवाई के बाद जगह खाली होते ही भू माफिया सक्रिय हो गए और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से डबल झोपड़पट्टी बना -बना कर बेचने का सिलसिला शुरू हुआ जो अब भी जारी है। इससे झोपड़पट्टी माफियाओं के साथ -साथ अभियंताओं ने जम कर कमाई की। यहां का हर झोपड़ा लाखों रूपये में बेचा गया।

Tegs: #Why-is-manpa-silent-on-the-death-of-a-14-year-old-girl

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