डंकी रूट से अमेरिका भेजने के नाम पर ठगी, मास्टरमाइंड सहित 5 गिरफ्तार
प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। हजारीबाग पुलिस ने मानव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ का दावा किया है। पुलिस ने डंकी रूट से अमेरिका भेजने के नाम पर झांसा देकर करोड़ो की ठगी करनेवाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पायी है।
बताया जाता है कि हजारीबाग जिला के हद में टाटीझरिया थाना क्षेत्र के भराजो रहिवासी सोनू कुमार द्वारा बीते माह 30 जुलाई को एक सनसनीखेज शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें बताया गया कि गांव के ही रहिवासी उदय कुमार कुशवाहा जो पिछले 45 वर्षों से अमेरिका में रहकर व्यवसाय कर रहे हैं ने उन्हें अमेरिका में नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी दस्तावेजों और मानव तस्करी के डंकी रूट के माध्यम से वर्ष 2024 में ब्राजील के लिए रवाना किया।
सोनू के अनुसार, उदय कुमार ने दारू थाना के जरगा रहिवासी दर्शन प्रसाद का पुत्र विकास कुमार और पिंटू कुमार को भी अलग-अलग दिन दिल्ली से ब्राजील भेजा। ब्राजील पहुंचने पर तीनों को अंतरराष्ट्रीय डंकी माफिया के हवाले कर दिया गया, जिन्होंने उन्हें छिपाकर सड़क व् नदी मार्ग से बोलिवाया, पेरू, एक्वाडोर , कोलम्बिया, पनामा, कोस्टा रिका, होन्दुरास, गुआतेमाला होते हुए अमेरिका पहुंचाने की कोशिश की।
वादी को 50 दिन तक माफिया के कब्जे में रखा गया।
इस दौरान उदय कुमार ने वादी के गरीब पिता को अमेरिका से कॉल कर और पैसे की मांग की। विवश होकर वादी के पिता ने अपनी पैतृक जमीन बेचकर लगभग ₹45 लाख की राशि उदय कुमार के रिश्तेदारों को अलग-अलग माध्यम से दी। वादी को मैक्सीको सिटी होते सन डीएगो भेजा गया, लेकिन अमेरिकी बॉर्डर पर उसे पकड़कर डिटेंशन सेंटर में डाल दिया गया, जहां वह लगभग चार महीने तक रहा। मार्च 2025 में उसे भारत डिपॉट कर दिया गया।
घर लौटने के बाद जब वादी ने अपनी रकम की मांग की, तो उदय और उसके भाई चोहान प्रसाद द्वारा गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। डर के कारण वादी ने थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद टाटीझरिया थाना में 31 जुलाई को कांड क्रमांक-32/25 धारा-338/336(2)/340(2)/61(2)(a)/318(2)/143(2)/126(2)/115(2)/351(2) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज कर वरीय अधिकारियों को सूचित किया गया। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विष्णुगढ़ के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
अनुसंधान एवं छापेमारी के क्रम में आरोपी उदय कुमार कुशवाहा, दर्शन प्रसाद, लालमोहन प्रसाद, चोहान प्रसाद तथा मेरु रहिवासी शंकर प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान आरोपी उदय कुमार के पास से सैमसंग मोबाइल जिसमें पीड़ित और उसके पिता से व्हाट्सप्प चैट की छायाप्रति, उसकी पत्नी के नाम से एक्सिस एवं एसबीआई की डिपॉजिट पर्ची, नोटबुक जिसमें डंकी रूट से भेजे गए पीड़ितों की सूची और उनसे वसूली गई रकम का विवरण, आरोपी दर्शन प्रसाद के पास से रेडमी मोबाइल जिसमें ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट, लालमोहन प्रसाद के पास से एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन तथा उसमें उदय के साथ लेनदेन का आदि।
व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट, शंकर प्रसाद के पास से मोटोरोला मोबाइल जिसमें उदय से लेन-देन से जुड़े व्हाट्सप्प चैट बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार अब तक डंकी रूट से वर्ष 2018 में दिगंबर कुशवाहा, वर्ष 2013 में राजकुमार कुशवाहा, वर्ष 2022 में नंदू कुमार, पप्पू कुमार, चन्दन कुमार, शंभू दयाल, पृथ्वी राज कुशवाहा उर्फ सोनू, संजय वर्मा, सुमन सौरभ प्रसाद, प्रवीण कुमार, वर्ष 2019 में अरुण कुमार कुशवाहा तथा धीरज कुमार को अमेरिका भेजे जाने की सूचना है।
छापामारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विष्णुगढ़ बैजनाथ प्रसाद, टाटीझरिया थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी, पुलिस अवर निरीक्षक सह अनुसंधानकर्ता पवन कुमार, मुफस्सिल थाना प्रभारी कुनाल किशोर, रिजर्व गार्ड आरक्षी संजय कुमार, टिंकू कुमार, तकनीकी शाखा आरक्षी कादिर हुसैन अंसारी व् मोनू कुमार शामिल थे। हजारीबाग पुलिस इस मामले को बड़े अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट के रूप में देख रही है। इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों और माफिया नेटवर्क की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक द्वारा आमजन से अपील की है कि ऐसे किसी भी झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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