मौनी बाबा ने किया हर हिंदू घर का दरवाजा बिछड़े भाई-बहनों के लिए खोलने का आह्वान
विभिन्न पंथों के संतों ने सनातन की बहू के रूप में डॉ आसमां को किया स्वीकार
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। बिहार जदयू के प्रदेश महासचिव एवं वैशाली जिला के हद में जौहरी बाजार हाजीपुर की डॉ आसमां परवीन ने खुले मंच से सनातन धर्म में वापसी की है।
बिहार प्रदेश उदासीन महामंडल के अध्यक्ष व सोनपुर लोकसेवा आश्रम के महंत संत विष्णुदास उदासीन उर्फ मौनी बाबा ने वैशाली जिला के हद में महुआ के बाबा बटेश्वरनाथ शिव मंदिर पानापुर धंधुआ में आयोजित हिंदू दिग्विजय कांवर यात्रा के मंच पर डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के हिंदू शौर्य मेले में डॉ आसमा परवीन को सनातन की बहू के रूप में स्वीकार करने की घोषणा की। उन्होंने हर हिंदू घर का दरवाजा अपने बिछड़े भाई – बहनों के लिए खोलने का आह्वान किया।
विदित हो कि डॉ आसमां हाजीपुर जौहरी बाजार के एक क्लिनिक के निदेशक मोहन यादव से विवाह कर चुकी हैं, परन्तु अभी तक उनकी सनातन धर्म में वापसी नहीं हुई थी। अब सार्वजनिक मंच से उनकी घोषणा और लाखों हिन्दुओं के बीच संतो का आशीर्वाद प्राप्त कर खुले तौर पर सनातन धर्म को अंगीकार करने की उनकी घोषणा का सर्वत्र स्वागत किया जा रहा है। उनके सनातन धर्म में आने के साहसी एवं ऐतिहासिक कदम की प्रशंसा की जा रही है।
विदित हो कि डॉ आसमा परवीन बिहार के पूर्व मंत्री और आरजेडी विधायक दिवंगत इलियास हुसैन की पुत्री हैं। पिछले 13 वर्षों से चलने वाले हिंदू दिग्विजय कांवड़ यात्रा के संस्थापक एवं प्रेरणा स्रोत विनोद यादव ने 30 जुलाई को उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि बीते 28 जुलाई को सनातन धर्म में वापसी के इस मौके पर उपस्थित यादव समाज के मांजन सहित प्रमुख गणमान्य जनों ने पुष्प -वर्षा कर करतल ध्वनि से आसमां को बहू स्वीकार किया।

इस अवसर पर डॉ आसमा ने सनातन में आकर अपने को धन्य माना। कहा कि लाखों सनातन धर्मावलंबियों की उपस्थिति के बीच में सनातनी भाइयों द्वारा इस प्रकार का प्यार और सम्मान पाकर वह काफी अभिभूत हुई। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का ऐतिहासिक पल है।
इस अवसर पर धर्माचार्य, अनेक आध्यात्मिक सांस्कृतिक संगठन सहित तख्त श्रीहरमंदिर पटना साहिब के धर्म प्रचार कमेटी के अध्यक्ष डॉ महेंद्र पाल सिंह ढिल्लों तथा तख्त हरमंदिर प्रबंधन कमेटी के सदस्य हरपाल सिंह जोहल ने भारतीय मत पंथ में आना और रच बस जाने को ऐतिहासिक कदम बताया।
उन्होंने सिख समाज की ओर से भी उन्हें बधाई दी। आर्य समाज के विद्वान ईश्वर दयाल शास्त्री, अधिवक्ता बैद्यनाथ राय, आर्य समाज संत स्वामी ब्रह्मानंदजी, गायत्री परिवार के रामचंद्र सिंह, जय गुरुदेव संस्थान के विशेश्वर महतो, महुआ व्यवसायिक मंच के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर अरुण गुप्ता, व्यावसायिक संघ के मनोज जायसवाल, पतंजलि योग की अंजू जयसवाल, इस्कॉन प्रचारक तथा कार्यक्रम के संयोजक संत कथा वाचक सीता रामेश्वर दास, कावड़ यात्रा के गौरवाध्यक्ष राजीव राय, परमाध्यक्ष उद्योगपति विजय सिंह, गौरवाध्यक्ष गोरख पांडेय, यात्रा के स्वागताध्यक्ष प्रमुख अमीन अनिल सिंह, यात्रा के प्रमुख अमर कुशवाहा, मनोज कुशवाहा, जल वितरण समिति के संयोजक दीपू दत्त, यात्रा संयोजन समिति के विवेकानंद कुशवाहा, चंद्रिका झा, प्रदुमन झा, कृष्णकांत सिंह, जितेंद्र झा, निक्कू श्रीवास्तव, देवीलाल पंडित, विवेकानंद भारती, डॉ संजीव कुमार, संत विनोद दास, कमलेश्वर शर्मा, रंजीत यादव, राम इकबाल भगत, मंटू मौर्य, मनीष कुशवाहा, कमलेश्वर शर्मा, रंजीत यादव, राम इकबाल भगत, दांडी यात्रा प्रमुख दीपक सिंह ने आसमा प्रवीण को सनातन धर्म में वापसी पर पुष्प- गुच्छ, पुष्प, चादर, मंदिर का प्रसाद, वस्त्र एवं तलवार देकर भावपूर्ण स्वागत किया।
दो लाख श्रद्धालुओं के लिए किया गया 50 से अधिक लंगर -भंडारा काउंटरों का आयोजन
पिछले 13 वर्षों से सुधा डेयरी के अध्यक्ष संजय राय के व्यक्तिगत सहयोग से एक लाख लीटर गंगाजल तथा विभिन्न डेयरी समूहों के दूध सेंटरों पर परमानंदपुर के शत्रुघ्न राय, बहसीं के राजीव राय, चिलिंग प्लांट हरपुर ओस्ती के शत्रुघ्न राय के संयोजन में एक लाख किसानों द्वारा 50000 लीटर दूध संग्रह कर प्रसाद के लिए भेजना तथा 50 से अधिक लंगर – भंडारा काउंटरों द्वारा दो लाख श्रद्धालुओं का व्यवस्था किया गया है। बिहार प्रदेश क्षत्रिय महासभा के प्रमुख अमित सिंह मिंटू ने संदेश भेज कर इस ऐतिहासिक क्षण को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण तथा मानवतावादी भारतीय संस्कृति के रक्षा के लिए सबसे आवश्यक कदम बताया।
बिहार सरकार के कला संस्कृति विभाग के कैबिनेट मंत्री मोतीलाल प्रसाद ने तथा पातेपुर के विधायक लखेन्द्र पासवान ने आसमां को वस्त्र भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कला संस्कृति विभाग द्वारा इस श्रावणी मेले की सोमवारी को होनेवाले कार्यक्रम को राज्य सरकार द्वारा भी मान्यता देने और संरक्षण करने का वचन दिया। हिंदू दिग्विजय कांवड़ यात्रा के संस्थापक एवं प्रेरणा स्रोत विनोद यादव ने डॉ आसमा को बहन घोषित किया।
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