प्रहरी संवाददाता/बड़बील (ओड़िशा)। ओड़िशा के सीएम बनने के बाद पहली बार मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी अपने पैतृक गांव क्योंझर जिला के हद में राईकला पहुंचे। माझी के यहां पहुंचने पर झुमपुरा प्रखंड सहित अन्य क्षेत्रों के मित्र, जनसाधरण अपने प्रिय मुख्यमंत्री की एक झलक पाने की होड़ मची थी।
वहीं अपने व्यस्त कार्यक्रम की समाप्ति के बाद अपने घर पहुंचने पर मुख्यमंत्री की मां ने बेटे को अपने असीम प्रेम और दुलार से विभूषित किया। मां ने अपने बेटे को अपनी साड़ी की पल्लू से मुंह पोछे और गर्मी, थकान से चूर बेटे को पानी पिलाया।
बता दें कि, ओडीसा के सीएम मोहन चरण माझी का जन्म 6 जनवरी 1972 को क्योंझर जिला के हद में रायकला गांव में हुआ था। उनके पिता गुनाराम माझी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। उनका परिवार संताल आदिवासी समुदाय से है।
उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा 1987 में झुमपुरा हाई स्कूल से की और 1990 में आंनदपुर कॉलेज से अपनी उच्च माध्यमिक की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने चंपुआ के चंद्रशेखर कॉलेज से कला स्नातक की डिग्री और ढेंकनाल लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की।
सीएम माझी ने झुमपुरा में सरस्वती शिशु मंदिर में एक शिक्षक (गुरुजी) के रूप में काम किया। सीएम ने वर्ष 2004 में प्रियंका मरांडी से शादी की। माझी ऐसे भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो वर्तमान में ओडिशा के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
उन्होंने इस साल 2024 के ओडिशा विधान सभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में क्योंझर से ओडिशा विधान सभा के लिए चुने गए। उन्होंने वर्ष 2000 से 2009 और 2019 से 2024 तक इसी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने वर्ष 2019 से 2024 तक ओडिशा विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक के रूप में कार्य किया। वर्ष 1997 में सरपंच के रूप में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया था।
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