Advertisement

सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बनेगा पेटरवार का नागरिक शिक्षा केंद्र

साल के अंत तक 500 में केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य, 300 पंचायतों में प्रक्रिया शुरू

प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। देश के भविष्य के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत बोकारो जिला के हद में पेटरवार में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला के तीसरे दिन 21 सितंबर को नागरिक शिक्षा के विषय पर विस्तार से चर्चा की गयी।

इस अवसर पर भारत ज्ञान विज्ञान समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं नागरिक शिक्षा के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ काशीनाथ चटर्जी ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में नागरिक शिक्षा केंद्र स्थापित करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नागरिक शिक्षा केंद्र सामाजिक परिवर्तन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होंगे।

डॉ चटर्जी ने 21 सितंबर को भेंट में बताया कि जनवरी 2026 में अलीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में झारखंड ने अपनी कार्य योजना प्रस्तुत करते हुए वर्ष 2026 के अंत तक 500 पंचायतों में नागरिक शिक्षा केंद्र स्थापित करने तथा अगले दो वर्षों में इसे 1,000 पंचायतों तक विस्तार देने का लक्ष्य तय किया था। वर्तमान में लगभग 300 पंचायतों में केंद्र शुरू करने को लेकर बैठक एवं प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पंचायत में एक नागरिक शिक्षा केंद्र होगा, जिसके संचालन के लिए दो समन्वयकों का चयन किया जाएगा। कहा कि समन्वयकों को ऑनलाइन पुस्तकालय, चर्चा मंडल, जनवाचन, महिला सशक्तिकरण, कृषि, जलवायु परिवर्तन सहित विभिन्न सामाजिक एवं जन सरोकार के विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण के बाद वे कम से कम छह महीने तक नियमित रूप से केंद्र का संचालन करेंगे। कहा कि नागरिक शिक्षा केंद्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण, संविधान, अधिकार एवं कर्तव्य तथा अन्य जन सरोकार के मुद्दों पर नियमित चर्चा और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य आमजनों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि ऐसे जागरूक नागरिक तैयार करना है, जो अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझें तथा समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए स्वयं पहल कर सके।

डॉ चटर्जी ने कहा कि नागरिक शिक्षा केंद्र किसी सरकारी संस्था की तरह संचालित नहीं होंगे। इसका संचालन स्थानीय रहिवासियों की स्वैच्छिक भागीदारी और सामूहिक पहल से किया जाएगा। ग्रामीण रहिवासी स्वयं सीखेंगे, आपस में संवाद करेंगे तथा स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक रूप से पहल करेंगे।

नागरिक शिक्षा सत्र में भारत ज्ञान विज्ञान समिति की राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य रवि सिंह, राज्य उपाध्यक्ष हेमंत कुमार जायसवाल, राज्य सचिव भोलानाथ राम एवं राज्य कोषाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर ने भी अपने विचार रखे। इसके बाद झारखंड के दस जिलों से आए प्रतिभागियों को विभिन्न समूहों में बांटकर समूह चर्चा कराई गई। प्रतिभागियों ने अपने क्षेत्रों की परिस्थितियों, संभावनाओं और चुनौतियों को साझा करते हुए नागरिक शिक्षा केंद्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सुझाव दिए।

समूह चर्चा में चिंता देवी, योगेंद्र प्रसाद, केदार पंडित, पूर्णचंद्र पाल, प्रदीप रावत, सरस्वती देवी, मधुस्मिता मिस्त्री, चमेली देवी और मधेश्वर प्रसाद सहित विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की। सत्र की अध्यक्षता हेमंत कुमार जायसवाल ने की।

कार्यशाला के दूसरे दिन के दूसरे सत्र में ज्ञान विज्ञान समिति के संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की गयी। पंचायत स्तर तक संगठन के विस्तार, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा जनसरोकार के मुद्दों पर निरंतर और प्रभावी ढंग से काम करने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

प्रतिभागियों ने कहा कि नागरिक शिक्षा केंद्रों को केवल बैठक या चर्चा का मंच न बनाकर गांव की वास्तविक समस्याओं से जोड़ना होगा। कार्यशाला में बुंडू पंचायत की मुखिया निहारिका सुकृति, मुमताज अंसारी, सुरेंद्र ठाकुर, पंकज कुमार सिन्हा, सुनीता देवी, रुद्रा देवी, पुष्पा देवी, रमेश मुंडा, वीरेंद्र ठाकुर, घनश्याम प्रसाद शर्मा, पार्वती देवी, रानी देवी, प्रमिला देवी सहित कई सदस्यगण शामिल थे।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *