रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच 26 सितंबर को कसमार प्रखंड के मंजूरा पंचायत में एक गरीब परिवार का कच्चा खपरैल मकान अचानक धराशायी हो गया।
गनीमत रही कि घटना के समय पिंटू करमाली, उनकी पत्नी और पांचों बेटियां घर से बाहर थीं, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लेकिन मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने और भोजन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
ज्ञात हो कि मंजूरा रहिवासी पिंटू करमाली पंचायत सचिवालय के समीप जर्जर कच्चे मकान में परिवार के साथ रहते थे।
लगातार बारिश के कारण मिट्टी की दीवारें कमजोर हो गई थीं। जिससे 26 सितंबर को लगातार बारिश के दौरान अचानक दीवारें और खपरैल की छत भरभराकर नीचे आ गई। देखते ही देखते करमाली का पूरा आशियाना मलबे में बदल गया।
स्थानीय वार्ड सदस्य उर्मिला देवी ने बताया कि परिवार के आवास समस्या की जानकारी पहले ही पंचायत सचिव को दी जा चुकी थी।
घटना के बाद उन्होंने प्रशासन से तत्काल राहत और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने की मांग की है। मुखिया ममता देवी को भी मामले की जानकारी दी गई है। सामाजिक कार्यकर्ता गौतम तुरी समेत ग्रामीणों ने परिवार को तत्काल भोजन और सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने की मांग की है।
घटना को लेकर कसमार बीडीओ नम्रता जोशी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर परिवार को सामुदायिक भवन, स्कूल या सरकारी शेड में अस्थायी रूप से शिफ्ट कराया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता होने पर नियमानुसार आवास का लाभ दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
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