अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। शिक्षक दिवस के अवसर पर बीते 5 सितंबर को वैशाली की जिलाधिकारी (डीएम) वर्षा सिंह द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए शिक्षिका अर्चना कुमारी को सम्मानित किया गया।
जानकारी के अनुसार बिहार की राजधानी पटना में युगल किशोर प्रसाद और गीता देवी के घर जन्मी शिक्षिका अर्चना बचपन से ही कला के प्रति आकर्षित रहीं। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय के कला एवं शिल्प महाविद्यालय पटना से वर्ष 2013 में बी.एफ.ए. में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके पश्चात उन्होंने शांति निकेतन से छापा कला विषय में वर्ष 2015 में एम.एफ.ए. की उपाधि प्रथम श्रेणी में प्राप्त की। वर्ष 2020 में उन्होंने एनटीए नेट परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ जेआरएफ प्राप्त किया।
शिक्षिका अर्चना को राष्ट्रीय ललित कला अकादमी नई दिल्ली द्वारा गढ़ी छात्रवृत्ति तथा सांस्कृतिक मंत्रालय, भारत सरकार की युवा कलाकार छात्रवृत्ति भी प्राप्त है। एक सशक्त चित्रकार और समर्पित शिक्षिका के रूप में अर्चना ने कला के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त किए हैं। वे विभिन्न शिक्षण-संबंधी कार्यक्रमों में निर्णायक की भूमिका भी निभाती रही हैं। उन्हें वैशाली जिले में वर्ष 2024 और 2025 में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया है।
उन्होंने 20 से अधिक राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय प्रदर्शनियों में भाग लिया है, जिनमें प्रमुख रूप से कला साधक सम्मान एवं समूह प्रदर्शनी 2026 ललित कला अकादमी पटना, हमारे गांधी राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी एवं द्वितीय राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी, बिहार ललित कला अकादमी 2026 शामिल हैं।कला निर्णायक के रूप में उन्होंने बिहार शिक्षा परियोजना (बीईपीसी) के अंतर्गत वीर गाथा विषय, आपदा प्रबंधन विभाग बिहार की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता, तरंग कला एवं खेल उत्सव समस्तीपुर 2024 तथा वैशाली जिला स्तरीय कला उत्सव 2023 और 2025 में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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