अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। वैशाली जिला के हद में लालगंज प्रखंड के सिरसा राम राय पंचायत भवन परिसर में 27 अगस्त को जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन लालगंज विधायक संजय कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।
उद्घाटन भाषण में विधायक सिंह ने कहा कि रसायनों के दुष्प्रभाव से मिट्टी और मानव स्वास्थ्य को बचाना जरूरी है। इस पारंपरिक पद्धति से किसान कम लागत में अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित और जिला किसान सलाहकार समिति के पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि रासायनिक खादों ने मिट्टी को बंजर और भोजन को जहरीला बना दिया है। स्वस्थ समाज के लिए प्राकृतिक खेती ही एकमात्र विकल्प है।
इस अवसर पर कृषि अधिकारियों और विशेषज्ञों ने किसानों को घर पर ही गोबर और गोमूत्र से जीवामृत व बीजामृत तैयार करने की तकनीकी विधि सिखाई, जिससे खेती का खर्च न्यूनतम हो सके। कार्यक्रम में प्रखंड प्रमुख सुधा देवी, मुखिया संघ अध्यक्ष गणेश राय, स्थानीय मुखिया चंचला देवी, जिला कृषि पदाधिकारी, उद्यान पदाधिकारी, उप निदेशक (कृषि यांत्रिकी), आत्मा के उप परियोजना निदेशक, प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार, बीटीएम अनिकेत कुमार व विकास कुमार, एटीएम सुनील कुमार, जूही कुमारी, कुमार सचिन भास्कर सहित कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और कृषि सखियां मौजूद रहीं।
साथ ही, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्रगतिशील किसान मो. मुशर्रफ खलील, प्रभु दयाल सिंह, महेश प्रसाद सिंह समेत भारी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे। अंत में रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग को त्यागकर भूमि की उर्वरा शक्ति और केंचुओं (मित्र कीटों) के संरक्षण का संकल्प लिया गया।
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