रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो के सेक्टर चार स्थित मोहन कुमार मंगलम स्टेडियम में आयोजित द्वितीय एनटीपीसी राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का 26 अगस्त को भव्य रूप से समापन किया गया। समापन समारोह में राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं रिटायर्ड जज एस.के. अग्निहोत्री विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में प्रतियोगिता के अध्यक्ष एवं गोमिया के पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो समेत तीरंदाजी संघ के पदाधिकारी, खेलप्रेमी एवं कई गणमान्य उपस्थित रहे।
समापन समारोह के दौरान अतिथियों ने देश भर से प्रतियोगिता में पहुंचे तीरंदाजों का उत्साहवर्धन किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। वहीं खिलाड़ियों के प्रदर्शन से पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुदेश कुमार महतो ने कहा कि तीरंदाजी केवल एक खेल नहीं, बल्कि एकाग्रता, धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास का खेल है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की ऐसी प्रतियोगिता का बोकारो में आयोजन होना जिले के लिए गौरव की बात है। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिभावान खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और उनसे सीखने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है कि ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और उचित मंच उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा है, लेकिन निरंतर मेहनत और सीखने की भावना ही खिलाड़ी को आगे बढ़ाती है। उन्होंने आयोजकों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आगे भी झारखंड में आयोजित होनी चाहिए।
विशिष्ट अतिथि रिटायर्ड जज एस.के. अग्निहोत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में देशभर से आए खिलाड़ियों ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, वह बेहद उत्साहजनक है। कहा कि तीरंदाजी जैसे खेल में एकाग्रता और मानसिक संतुलन की बड़ी भूमिका होती है। खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया है कि देश में तीरंदाजी का भविष्य उज्ज्वल है।
उन्होंने कहा कि बोकारो में इस स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन होना खेल जगत के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे जिले के युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए आगे आएंगे। उन्होंने सभी विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुरस्कार प्राप्त करना उपलब्धि जरूर है, लेकिन खेल के प्रति निरंतर समर्पण बनाए रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष सह पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो ने कहा कि बोकारो की धरती हमेशा से प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने वाली रही है। यहां राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। ऐसी प्रतियोगिताओं से स्थानीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवा खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं। यदि उन्हें समय पर प्रशिक्षण, खेल सामग्री और उचित मार्गदर्शन मिले तो वे राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी राज्य और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी झारखंड की परंपरागत खेल प्रतिभाओं से भी जुड़ा है। इस खेल को बढ़ावा देने के लिए सभी स्तर पर प्रयास होना चाहिए।
उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों एवं तीरंदाजी संघ के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी बोकारो में राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी चाहिए। इससे युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ेगी और उन्हें बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिलेगा। समापन समारोह में प्रतियोगिता के विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। इस दौरान खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली।
देश के विभिन्न राज्यों से आए तीरंदाजों ने प्रतियोगिता के दौरान शानदार खेल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में तीरंदाजी संघ के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, खिलाड़ी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मौजूद रहे। आयोजकों ने प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी गणमान्य जनों के प्रति आभार जताया।
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