रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड आंदोलन के महानायक, राज्य निर्माता, करोड़ों झारखंडवासियों के प्रेरणा स्रोत तथा पद्म भूषण से सम्मानित बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि 4 अगस्त को बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड में मनायी गयी। यहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) प्रखंड समिति द्वारा गुरूजी की पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित झामुमो नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने गुरुजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने अपना पूरा जीवन जल, जंगल और जमीन की रक्षा, आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों तथा अलग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनके संघर्ष, त्याग और जनसेवा की भावना सदैव झारखंडवासियों को प्रेरित करती रहेगी।
कार्यक्रम में गोमिया विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद सेरे आलम, झामुमो कसमार प्रखंड अध्यक्ष दिलीप हेंब्रम, प्रखंड उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र ठाकुर, झामुमो के वरिष्ठ नेता महेंद्र सिंह, मिथलेश जायसवाल, दीपक कुमार नायक, पूर्व मुखिया सिकंदर कपरदार सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मौके पर विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद सेरे आलम ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड की अस्मिता और स्वाभिमान के प्रतीक थे। उनका संघर्ष हमें समाज के अंतिम जरूरतमंद तक न्याय पहुंचाने की प्रेरणा देता है। प्रखंड अध्यक्ष दिलीप हेंब्रम ने कहा कि गुरुजी का जीवन संघर्ष, त्याग और जनसेवा का अद्भुत उदाहरण है। उनके बताए रास्ते पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रखंड उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र ठाकुर ने कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण में गुरुजी का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
इस अवसर पर झामुमो के वरिष्ठ नेता दीपक कुमार नायक ने कहा कि दिशोम गुरु ने गरीबों, किसानों और आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई पूरी निष्ठा से लड़ी। उनका संघर्ष हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। वरिष्ठ नेता महेंद्र सिंह ने कहा कि दिशोम गुरु का जीवन हमें संघर्ष, संगठन और जनसेवा का संदेश देता है।
कहा कि झारखंड की पहचान और सम्मान को नई ऊंचाई देने में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। वरिष्ठ नेता मिथलेश जायसवाल ने कहा कि शिबू सोरेन ने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों की आवाज़ को हमेशा बुलंद किया। उनके आदर्शों और विचारों को आगे बढ़ाना ही हम सभी कार्यकर्ताओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। पूर्व मुखिया सिकंदर कपरदार ने कहा कि गुरुजी ने अपने संघर्ष और त्याग से झारखंड को नई पहचान दिलाई। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व सदैव हमारे लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।
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