प्रहरी संवाददाता/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पिछले पांच वर्ष का आर्युवेदिक प्राकृतिक चिकित्सा का अनुभव रखने वाली डॉ अरवशी पांडेय झारखंड की राजधानी रांची क्षेत्र में विभिन्न रोगग्रस्त पीड़ितों का बेहतर से बेहतर लाभ देने का कार्य कर रही है।
उन्होने 8 अगस्त को एक साक्षात्कार में बताया कि वे पहले कई स्थानों मे कार्यरत रह चुकी है। एनसीआर गुड़गांव और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई स्थित वेलनेस सेंटरों में प्राकृतिक चिकित्सा परामर्शदाता चिकित्सक के रूप में अच्छी सेवा दे चुकी है। वर्तमान मे वे झारखंड की राजधानी रांची के वेदांजलि वेलनेस में कार्यरत है।
उन्होंने बताया कि जिन बीमारियों के बारे में वे परामर्श देती हैं वे जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ है। जिसमें मधुमेह, हाई बीपी, डिसलिपिडेमिया, थायरॉइड, आंत संबंधी समस्याएं, दर्द प्रबंधन, वजन प्रबंधन, हार्मोनल असंतुलन, किडनी रोग, लिवर विकार आदि शामिल है। उनके द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा उपचार के तहत आयुर्वेदिक उपचार और पंचकर्म उपचार प्रदान किया जाता है।
बहरहाल डॉ अरवशी पांडेय क्षेत्र में आयुर्वेद में शुगर (मधुमेह या प्रमेह) को नियंत्रित करने के लिए अच्छी चिकित्सक के रूप में पहचान बना चुकी है। इसमें गुड़मार, जामुन की गुठली, करेला, गिलोय और मेथी दाना जैसी प्राकृतिक जड़ी-बूटियां सबसे असरदार और मुख्य दवाएं मानी जाती हैं। ये औषधियां अग्नाशय (पेंकरियाज) को सक्रिय कर प्राकृतिक रूप से इंसुलिन का स्तर सुधारती हैं। क्षेत्र के रहिवासियों को उनके चिकित्सा से काफी लाभ मिल रहा है।
![]()













Leave a Reply