प्राधिकार के नाम, संरचना से उद्देश्य, शक्ति, कर्तव्य, वित्त, बजट व् लेखा पर चर्चा
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग के निर्देशानुसार 8 अगस्त को लुगुबुरु घांटाबाड़ी विकास प्राधिकार के गठन को लेकर बोकारो जिला उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रस्तावित प्राधिकार के गठन, संरचना एवं कार्यप्रणाली से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ हीं उपस्थित एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े संबंधित प्रतिनिधियों से आवश्यक सुझाव लिए गए।
बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार, वन क्षेत्र पदाधिकारी संदीप शिंदे, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बून, जिला कल्याण पदाधिकारी सुचिता किरण, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह समेत वीडियो संवाद के माध्यम से लुगुबुरु घांटाबाड़ी आयोजन समिति के अध्यक्ष बबुली सोरेन, गोमिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) महादेव महतो, अंचल अधिकारी (सीओ) आफताब आलम सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि जुड़े। इस दौरान प्रस्तावित प्राधिकार के ड्राफ्ट, उसकी संरचना एवं कार्यप्रणाली को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
जानकारी के अनुसार आयोजित बैठक में प्राधिकार के नाम एवं परिभाषा, प्राधिकार का गठन एवं उसकी संरचना, प्राधिकार के उद्देश्य, अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष की शक्तियां एवं कर्तव्य, सदस्य-सचिव के कार्य एवं कर्तव्य, प्राधिकार की बैठक, सदस्यों को पद से हटाने की प्रक्रिया, प्राधिकार की शक्तियां एवं कृत्य, नियंत्रण एवं मार्गदर्शन, नियम बनाने की शक्ति, वित्तीय व्यवस्था, बजट एवं लेखा समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर डीसी ने कहा कि प्रस्तावित लुगुबुरु घांटाबाड़ी विकास प्राधिकार के माध्यम से क्षेत्र के विकास एवं आयोजन संबंधी कार्यों को अधिक व्यापक, व्यवस्थित एवं प्रभावी स्वरूप प्रदान किया जा सकेगा। कहा कि प्राधिकार के माध्यम से विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन के साथ ही क्षेत्र की जनजातीय पहचान, परंपरा एवं सांस्कृतिक स्वरूप को संरक्षित एवं अक्षुण्ण रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
बैठक में प्राधिकार की प्रस्तावित संरचना में जिला प्रशासन के संबंधित पदाधिकारियों के साथ स्थानीय समिति एवं क्षेत्र से जुड़े गणमान्य रहिवासियों की सहभागिता सुनिश्चित करने को लेकर भी चर्चा की गयी। स्थानीय स्तर पर कार्य कर रही समिति की भूमिका एवं सहभागिता को बनाए रखते हुए प्राधिकार के माध्यम से कार्यों को व्यापक स्तर प्रदान करने पर विचार किया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त झा ने प्रस्तावित प्राधिकार के ड्राफ्ट को नियम-कानून एवं निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट को संबंधित स्तर पर आवश्यक सुझाव एवं अनुमोदन प्राप्त करने के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी कठिनाई उत्पन्न नहीं हो। जानकारी के अनुसार बैठक में ड्राफ्ट को शीघ्र अंतिम रूप देकर अगले दो-तीन दिनों के भीतर आगे की कार्रवाई के लिए भेजने पर सहमति बनी।
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