एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। पिछले 52 सालों तक तिरंगे से नफरत करने वाले ढोंगी भाजपाइयो का राष्ट्रप्रेम सिर्फ ढोंग है। तिरंगा यात्रा के नाम पर भाजपा देश में राजनीतिक नौटंकी कर रही है। उक्त बाते झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने 12 अगस्त को एक प्रेस बयान जारी कर कही।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने भाजपा पर बेहद तीखा और हमलावर बयान जारी कर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के छद्म राष्ट्रवाद को बेनकाब करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि आज जो भाजपाई और आरएसएस के तथाकथित हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों पर तिरंगा यात्रा निकालने का ढोंग रच रहे हैं, उनका असली इतिहास तिरंगे का अपमान करने और उससे नफरत करने का रहा है। कहा कि आजादी के बाद पूरे 52 वर्षों तक जिस संगठन ने अपने नागपुर मुख्यालय पर देश के आन-बान-शान तिरंगे को नहीं फहराया, आज वही देश की जनता को राष्ट्रभक्ति का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं, जो इस सदी का सबसे बड़ा मजाक है।
प्रदेश प्रवक्ता नायक ने सीधे सवाल दागते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस के नेता झारखंड के जनमानस को यह बताएं कि 15 अगस्त 1947 को देश आजाद होने के बाद से लेकर साल 2002 तक, यानी पूरे 52 वर्षों तक नागपुर के संघ मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा क्यों नहीं फहराया गया? संघ के विचारक और नागपुर मुख्यालय हमेशा तिरंगे की जगह भगवा ध्वज को सर्वोपरि मानते रहे। साल 2001 में जब देश के कुछ सच्चे राष्ट्रभक्त युवाओं ने नागपुर मुख्यालय के भीतर घुसकर जबरन तिरंगा फहराने की कोशिश की, तो संघ ने उन देशभक्त युवाओं पर ही मुकदमा दर्ज करवा दिया था। आज वही अचानक राष्ट्रवादी और तिरंगा प्रेमी होने का स्वांग रच रहे हैं।
नायक ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए आरएसएस को पूरी तरह बेनकाब करते हुए कहा कि संविधान सभा के समय और आज़ादी के दौर (वर्ष 1947) में संघ के आधिकारिक मुखपत्र ऑर्गनाइज़र में तिरंगे के तीन रंगों के चयन को लेकर गंभीर वैचारिक विरोध जताया गया था। संघ के उन लेखों में साफ तौर पर हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की जगह भगवा ध्वज को भारत का राष्ट्रीय ध्वज बनाने की वकालत की गई थी। भले ही संघ आज अपनी इस वैचारिक असहमति और ऐतिहासिक कड़वे सच को छिपाने की कोशिश करे, लेकिन इतिहास गवाह है कि इनके मन में तिरंगे के प्रति कभी भी सच्चा सम्मान नहीं रहा। यह इनका पुराना इतिहास है कि ये देश के संवैधानिक प्रतीकों को नकार कर अपनी विचारधारा थोपना चाहते हैं।
नायक ने तीखा हमला करते हुए कहा कि जिस आरएसएस और भाजपा के पूर्वजों ने सन् 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन और देश के महान स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों की मुखबिरी की और कभी देश की आजादी के लिए एक कतरा खून नहीं बहाया, वे आज देशभक्ति की नौटंकी कर रहे हैं। कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश को आजादी दिलाई, तिरंगे को गौरव दिया और देश के लोकतंत्र को मजबूत किया। कहा कि भाजपा का राष्ट्रप्रेम केवल और केवल वोट बैंक की राजनीति और आगामी चुनावों को देखते हुए जनता को गुमराह करने का एक जरिया है।
नायक ने कहा कि तिरंगा देश के हर रहिवासी के दिल में बसता है। इसके लिए किसी भाजपा या आरएसएस के पाखंडी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। कहा कि जनता भाजपा के इस दोहरे चरित्र और नकली राष्ट्रवाद को आगामी चुनावों में सबक सिखाएगी।
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