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सेवानिवृत डीएसपी आवास पर जन्माष्टमी की भव्य पूजा-अर्चना एवं प्रसाद वितरण

भक्ति से सराबोर कसमार में जन्माष्टमी पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पाया प्रसाद

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर बोकारो जिला के हद में कसमार स्थित सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सूर्य भूषण शर्मा के आवास पर 6 सितंबर को विधिवत पूजा-अर्चना एवं भव्य प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वजनों, ग्रामीणों, स्नेहीजनों, गणमान्य एवं प्रबुद्ध जनों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की तथा प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर सेवानिवृत्त डीएसपी सूर्य भूषण शर्मा ने कहा कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पावन पर्व होने के साथ-साथ सत्य, धर्म, कर्म, प्रेम और मानवता का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से पूरी मानव जाति को कर्म करते रहने और फल की चिंता नहीं करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, सौहार्द और एकता बनी रहे, यही जन्माष्टमी के अवसर पर उनकी कामना है। कसमार में हर वर्ष की तरह इस बार भी सभी स्नेहीजनों, ग्रामीणों एवं गणमान्य रहिवासियों का जिस आत्मीयता के साथ आगमन हुआ, उससे आयोजन की खुशी और बढ़ गई। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे सभी प्रबुद्ध जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भगवान श्रीकृष्ण से सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।

मौके पर कसमार प्रखंड प्रमुख नियोति कुमारी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, धर्म, कर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी एकता और भाईचारे को मजबूत करते हैं। जिला परिषद सदस्य अमरदीप महाराज ने कहा कि जन्माष्टमी धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और भाईचारे का पर्व भी है। सभी का एक साथ मिलकर पर्व मनाना समाज की एकता को दर्शाता है। यदुनंदन जायसवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उनके आदर्श जीवन से हमें निरंतर प्रेरणा मिलती है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करते हैं।

परमेश्वर नायक ने कहा कि जन्माष्टमी हमें धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देती है। समाज में प्रेम और सद्भाव बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। रामलाल ठाकुर ने कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक वातावरण बनता है और आपसी संबंध और मजबूत होते हैं।
बिपिन भूषण शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा सभी पर बनी रहे और क्षेत्र में सुख, शांति एवं समृद्धि आए, यही हमारी कामना है। अधिवक्ता उज्जवल चंद्र मुखर्जी ने कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश आज के समय में भी बेहद प्रासंगिक है। उनके बताए कर्म और धर्म के मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धा है। अनुज भूषण शर्मा ने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में सभी का एक साथ जुटना आपसी प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक है। राजेश पांडेय ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। सूरज प्रकाश जायसवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन में समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणा छिपी हुई है।

अविनाश कुमार चौबे ने कहा कि जन्माष्टमी धर्म और अधर्म के बीच संघर्ष में सत्य की विजय का संदेश देती है। सुनील कुमार चौबे ने कहा कि श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण है। दुर्गा प्रसाद प्रजापति ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण सभी के जीवन में सुख, शांति और खुशहाली प्रदान करें। रंजीत कुमार जायसवाल ने कहा कि सामूहिक धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करते हैं। निरंजन प्रजापति ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना ही जन्माष्टमी का वास्तविक संदेश है।

तुलसी कपरदार ने कहा कि कसमार में श्रद्धा और उत्साह के साथ जन्माष्टमी मनाया जाना हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाता है। रतन कुमार चौबे ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे, यही सभी की प्रार्थना है। कृष्ण मोहन चौबे ने कहा कि एकजुट होकर पूजा-अर्चना करना बेहद सुखद और प्रेरणादायी रहा। नकुल ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कर्तव्य और सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। परमेश्वर गोस्वामी ने कहा कि धार्मिक पर्व हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता की पहचान हैं। इन्हें मिल-जुलकर मनाने की परंपरा आगे भी जारी रहनी चाहिए। धीरेंद्र प्रजापति ने कहा कि आयोजन में सभी की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने जन्माष्टमी की खुशी को और बढ़ा दिया।

सुभाष चंद्र ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद सभी परिवारों पर बना रहे और समाज में प्रेम एवं सद्भाव कायम रहे। राकेश पांडेय ने कहा कि जन्माष्टमी का संदेश मानवता, प्रेम और सद्भाव का संदेश है, जिसे समाज को अपनाना चाहिए। राजेश कपरदार ने कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक एकजुटता और भाईचारे को मजबूत करते हैं। राजू महतो ने कहा कि सभी वर्गो का एक साथ आकर पर्व मनाना कसमार की सामाजिक एकता की सुंदर तस्वीर है। मनीष जायसवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में प्रेम और सद्भाव का वातावरण बनाए रखना चाहिए। राकेश रंजन ने कहा कि जन्माष्टमी का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक मिलन का अवसर भी बना।

बड़ी संख्या में उपस्थिति से कार्यक्रम की भव्यता बढ़ गई। रजत मिश्रा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश आज की युवा पीढ़ी के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में उतारना चाहिए। पूजा-अर्चना के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, आस्था, आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का माहौल बना रहा।

 

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