हर मौत की जिम्मेवार है सरकार, हम तो पूछेंगे सवाल-सुरेन्द्र
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। कोविड -19 और अन्य संदर्भों में मारे गये लोगों का शोक मनाने का देशव्यापी अभियान “अपनों की याद” के मौके पर 13 जून को रात्री 8 बजे शहर के विवेक- विहार मुहल्ला में भाकपा माले, आइसा, ऐपवा कार्यकर्ताओं ने मोमबत्ती जलाकर तमाम मृतकों को श्रद्धांजलि दिया। कार्यक्रम में आइसा के स्तुति, ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना सिंह, नीलम देवी, प्रमिला देवी, मोहम्मद सगीर, मनोज शर्मा, सोनू झा आदि ने भाग लिया।
मौके पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में भाकपा माले समस्तीपुर (Bhakpa Male Samastipur) जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि एक ओर कोरोना महामारी के दौरान लचर स्वास्थ्य व्यवस्था मसलन अस्पताल, बेड, चिकित्सक, एंबुलेंस, वेंटिलेटर, आक्सीजन सिलेंडर, दवा आदि के आभाव में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर पिछले साल लॉकडाउन में पैदल घर लौटते मजदूर, भूख से खत्म हुए बच्चे- बुजुर्ग, तुफान, बाढ़, सुखाड़ में खत्म हुए लोग, नफरत या झूठ से उकसाये भीड़ की हिंसा में मारे गये लोग, सांप्रदायिक, जातिगत या पितृसत्तात्मक हिंसा में मारे गये लोग, पुलिस दमन में मारे गये लोग, सीवर की सफाई करते हुए मारे गये सफाईकर्मी आदि को उनके परिजन न तो अंतिम दर्शन कर पाये और न ही सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार किया जा सका। उन्होंने कहा कि इस दौरान मृतकों को कफन तक नसीब नहीं हुआ। सरकारी नाकामी के कारण शव को गंगा नदी व् अन्य जगह फेंके गये शवों को कुत्ते, चील, कौए नोंचते दिख रहे थे। अधजले शव को ईधर- उधर फेंका जा रहा था। एक- एक गड्ढे में कई शव डाले जा रहे थे। पुल पर से शव फेंके जा रहे थे। मौत के आंकड़े छुपाये जाने को लेकर संस्कार किये गये। शवों के उपर से रामनामी चादर सरकार खींचवा रही थी। सरकारी देखरेख में मानवता तार- तार हो रहा था और मृतक के परिजन चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे थे।
मेल नेता ने कहा कि ऐसे में भाकपा माले ने अन्य दलों, संगठनों को साथ लेकर हर गमों को बांटने, अपनों को याद करने, सम्मान देने, श्रद्धांजलि देने के लिए 13 जून से हरेक रविवार को रात्री 8 बजे से मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम शुरू किया है। उक्त कार्यक्रम इसी का हिस्सा है। माले नेता सुरेन्द्र ने तमाम सामाजिक एवं राजनीतिक दलों समेत छात्र, नौजवान, महिला, किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यवसायी, बुद्धीजीवी, पत्रकार समेत सभी तबकों से इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की अपील की है।
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