प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। झारखंड में हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जिले में एक के बाद एक लगातार हो रही प्रवासी मजदूरों की मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है। इसी कड़ी में अब हजारीबाग जिला के हद में गोरहर थाना क्षेत्र के रती महतो के 27 वर्षीय पुत्र मुकेश कुमार महतो की तमिलनाडु में बीते 24 अप्रैल को काम के दौरान करंट लगने से मौत हो गई।
प्रवासी मजदूर मुकेश के मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। बताया जाता है कि मुकेश घर का इकलौता कमाऊ पुत्र था। वह अपने पीछे विकलांग पिता रती महतो, पत्नी पुष्पा देवी, आठ वर्षीय पुत्र आयुष कुमार और 6 वर्ष के आदित्य कुमार को बिलखता छोड़ गया।
इस घटना सूचना मिलते ही 25 अप्रैल को प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले क्षेत्र के समाजसेवी सिकन्दर अली मृतक के घर पहुंचकर संवेदना प्रकट की। मौके पर उन्होंने कहा कि झारखंड के नौजवानों के मौत के मुंह में समाने की यह पहली घटना नहीं है।
कहा कि इससे पहले भी कई प्रवासी मजदूरों की दूसरे प्रदेश तथा विदेशो में मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि रोजी-रोटी की तलाश में परदेस गये प्रवासी झारखंडी मजदूरों की आये दिन मौत की खबर सामने आती रहती है। हर रोज झारखंड के किसी न किसी इलाके से प्रवासी मजदूर की दूसरे राज्यों या विदेश में मौत की खबरें आ रही है। उन्होंने कहा कि बोकारो जिले के प्रवासी मजदूर मनोज कुमार महतो की मौत एक महीने पूर्व दुबई हो गई है, लेकिन अभी तक मृतक का शव दुबई में ही पड़ा है। ऐसे में पलायन को लेकर सरकार को ठोस नीति बनाने की जरूरत है।
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