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छात्र आंदोलन के समर्थन में जेएलकेएम नेता सहदेव ने देवेंद्र व महेंद्र का बढ़ाया हौसला

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में जेएलकेएम सह विस्थापित नेता सहदेव साव 7 अगस्त को धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों की जानकारी ली तथा छात्र नेता भाई देवेंद्र महतो एवं महेंद्र मंडल का हौसला बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने छात्र आंदोलन के समर्थन में धरना में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए युवाओं के साथ एकजुटता व्यक्त की।

मौके पर जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष भूनेश्वर कुमार महतो तथा बोकारो जिला के हद में गोमिया विधानसभा की प्रत्याशी रही पूजा महतो भी मौजूद थी। इस अवसर पर जेएलकेएम नेताओं ने छात्र आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जाना जरूरी है।

इस अवसर पर जेएलकेएम नेता सहदेव साव ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि छात्र देश और राज्य का भविष्य हैं। उनके अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े सवालों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ खड़ा होना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि भाई देवेंद्र महतो और महेंद्र मंडल जिस तरह छात्रों के मुद्दों को लेकर धरना स्थल पर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं, वह सराहनीय है। आंदोलनरत छात्रों के हौसले को मजबूत करने के लिए वे हर संभव सहयोग के लिए तैयार हैं।
जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष भूनेश्वर कुमार महतो ने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और सकारात्मक पहल के माध्यम से होना चाहिए।

झारखंड के युवाओं ने हमेशा अपने अधिकार और सम्मान के लिए संघर्ष किया है। सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उचित पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य का अवसर मिलना उनका अधिकार है। छात्र आंदोलन को राजनीतिक नजरिए से देखने के बजाय उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों के रूप में देखना चाहिए।

जेएलकेएम के महिला नेत्री पूजा महतो ने कहा कि छात्रों की समस्याएं केवल छात्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे समाज और राज्य के भविष्य से जुड़ा विषय है। कहा कि जब युवा अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते हैं तो उनकी बात सुनना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है।

उन्होंने कहा कि छात्रों के संघर्ष और उनकी मांगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की आवश्यकता है। युवा शक्ति को न्याय और अधिकार दिलाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से उनकी आवाज को मजबूती प्रदान की जानी चाहिए। धरना स्थल पर मौजूद नेताओं ने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया तथा उनके संघर्ष में समर्थन व्यक्त किया। इस दौरान छात्र नेताओं और आंदोलनकारियों ने भी अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की।

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