एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। जेपीएससी-जेएसएससी में पारदर्शिता की मांग, 14वीं जेपीएससी रद्द करने तथा 7 अगस्त को विधानसभा घेराव को लेकर 6 अगस्त को छात्र-युवा संगठनों द्वारा संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गयी।
झारखंड में जेपीएससी एवं जेएसएससी परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली, भ्रष्टाचार और अभ्यर्थियों के साथ अन्याय के खिलाफ 7 अगस्त को आयोजित होने वाले विधानसभा घेराव के संबंध में झारखंड की राजधानी रांची के भाकपा प्रदेश कार्यालय में संयुक्त छात्र-युवा संगठनों की प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
इस अवसर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड दिनेश, ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (एआईवाईएफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉ रोशन कुमार सिन्हा, स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एसएफआई) के प्रदेश संयोजक कॉम दानिश तथा ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) झारखंड प्रदेश सह सचिव अफजल दुर्रानी ने अपने विचार रखे।
प्रेस वार्ता में एआईएसएफ राष्ट्रीय महासचिव कॉ दिनेश ने कहा कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा झारखंड के लाखों छात्रों के साथ बहुत बड़ा धोखा है। कहा कि राज्य के युवाओं के साथ वर्षों से जेपीएससी के नाम पर अन्याय और धांधली की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए तथा 14वीं जेपीएससी परीक्षा को अविलंब रद्द कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पुनः परीक्षा आयोजित करनी चाहिए।
प्रेस वार्ता में एआईवाईएफ राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉ रोशन कुमार सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2003 से आज तक जेपीएससी लगातार विवादों में रही है। कहा कि जिस परीक्षा एजेंसी पर गंभीर आरोप लगे, उसके विरुद्ध प्राथमिकी तक दर्ज हुई। उसी एजेंसी को दोबारा परीक्षा की जिम्मेदारी देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 तक भी 14वीं जेपीएससी की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका है। उन्होंने झारखंड सरकार से सभी लंबित (बैकलॉग) नियुक्तियों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। एसएफआई के प्रदेश संयोजक कॉ दानिश ने कहा कि 7 अगस्त का विधानसभा घेराव छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को गंभीरता से सुने और जेपीएससी-जेएसएससी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, क्लस्टर सिस्टम वापस लेने तथा ई-कल्याण छात्रवृत्ति का तत्काल भुगतान करने की दिशा में ठोस कदम उठाए।
एआईएसएफ प्रदेश सह सचिव अफजल दुर्रानी ने कहा कि 7 अगस्त का विधानसभा मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होगा। उन्होंने कहा कि छात्र केवल अपनी समस्याओं और मांगों को राज्य सरकार के समक्ष रखने जा रहे हैं। सरकार को छात्रों से वार्ता कर उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि जेपीएससी वर्षों से विवादों में रही है, जिससे झारखंड के युवाओं का भविष्य लगातार प्रभावित हो रहा है। कहा कि झारखंड एक युवा राज्य है, इसलिए राज्य सरकार को युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए 14वीं जेपीएससी को रद्द कर निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करनी चाहिए।
प्रेस वार्ता में सभी संगठनों ने संयुक्त रूप से झारखंड के छात्रों, अभ्यर्थियों और युवाओं से 7 अगस्त को आयोजित विधानसभा घेराव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपने अधिकारों की लोकतांत्रिक लड़ाई को मजबूत करने की अपील की।
प्रेस वार्ता में एआईएसएफ के जेनरल सेक्रेटरी दिनेश शांगराज, प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु सिंह, प्रदेश सह सचिव अफजल दुर्रानी, प्रदेश सह सचिव सह रांची जिलाध्यक्ष एहतेशाम परवीन सहित रौशन कुमार सिन्हा, कॉमरेड दानिश, राज्य सयोंजक दानिश, सोनाली व् ओजस्वी राज शामिल थे।
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