अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित लोक सेवा आश्रम का सुप्रसिद्ध वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम भारतीय शास्त्रीय नृत्य के स्वर्णिम इतिहास का जीवंत दस्तावेज है। इस मंच ने कथक की तीन महान साधिकाओं नृत्य सम्राज्ञी पद्मश्री सितारा देवी एवं कोलकाता की कथक नृत्यांगना माया चटर्जी की प्रस्तुतियों को देखा है। भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्रियों मधुबाला, रेखा, माला सिन्हा और काजोल ने सितारा देवी से ही कथक नृत्य की शिक्षा ली।
ज्ञात हो कि पंडित सुखदेव महाराज की सबसे छोटी पुत्री सितारा और मंझली पुत्री तारा बनारस और लखनऊ घराने की परंपरा की वाहक थी। सितारा देवी को रबीन्द्रनाथ टैगोर ने नृत्य सम्राज्ञी कहा था। ऐसा माना जाता है कि इस कार्यक्रम का अविस्मरणीय क्षण वह था जब बाबा राम लखन दास के जीवित रहते तारा देवी के सुपुत्र बाल कलाकार गोपी कृष्ण ने बचपन में अपनी मां के साथ नृत्य प्रस्तुत किया था। पर, व्यवस्था नहीं रहने के कारण कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है। वैसे, इनकी सबसे बड़ी बहन अलकनंदा देवी थाली नृत्य और दादरा में पारंगत थी। आज भी यह मंच सितारा और माया देवी की घुंघरुओं की खनक से गुंजायमान है।
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