प्रहरी संवाददाता/पटना (बिहार)। बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन पटना के महासचिव प्रेम कुमार ने हाल ही में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों और पुलिसिया कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि पत्रकारों पर हो रहे हमले अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सारण एवं वैशाली के वरिष्ठ पत्रकार अवध किशोर शर्मा पर हरिहरनाथ थाना के काली घाट पर अपराधियों द्वारा जानलेवा हमला किया गया। प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज होने के बावजूद पुलिस द्वारा अपराधियों की गिरफ्तारी न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पत्रकार शर्मा पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश की राजधानी दिल्ली से लेकर बिहार की राजधानी पटना तक पत्रकारों को टारगेट कर पीटा जा रहा है। पटना में एक टीवी चैनल के पत्रकार पर हुए जानलेवा हमले की भी उन्होंने घोर निंदा की है। महासचिव प्रेम कुमार ने कहा कि हाल के वर्षो में रंगदारों और थानेदारों के गठजोड़ के कारण पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जो निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कहा कि सच लिखने के कारण पत्रकारों को निशाना बनाया जाना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने का एक षड्यंत्र है।
उन्होंने कहा कि बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन पत्रकारों के हितों के लिए पूरी तरह संकल्पित है। वर्तमान में यूनियन द्वारा एक विशेष अभियान चलाकर ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों को भी सदस्य बनाया जा रहा है। कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सरकार द्वारा हर हाल में सुनिश्चित की जाए। पत्रकारों पर दर्ज किए जा रहे फर्जी मुकदमों पर तत्काल रोक लगाई जाए। सरकार पत्रकारों की बीमा राशि का पूरा वहन करे। पत्रकारों का मासिक पेंशन बढ़ाकर तीस हजार रुपये किया जाए।
पत्रकारों को रेल और हवाई यात्रा में रियायत (छूट) दी जाए।
ज्ञात हो कि जगत प्रहरी के सारण जिला प्रभारी अवध किशोर शर्मा पर बीते माह 28 जुलाई को असामाजिक तत्वों द्वारा हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया गया। बावजूद इसके अबतक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर 4 अगस्त को पत्रकार यूनियन महासचिव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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