पीयूष पांडेय/बड़बिल (ओडिशा)। राज्य सरकार ने राजधानी क्षेत्र शहरी परिवहन (सीआरयूटी) के सहयोग से ओडिशा के सतत शहरी गतिशीलता की दिशा में कदम के तहत राजधानी भुवनेश्वर सहित कटक, राउरकेला, संबलपुर और बेरहमपुर में 400 से अधिक अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना बनाई है।
सीआरयूटी के प्रबंध निदेशक मोहम्मद सिद्दीक आलम ने बीते दिनों कहा कि राज्य के मिनिस्ट्री ऑफ़ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी की मदद से तीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसें भी शुरू किया जायेगा।
एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018 में लॉन्च होने के बाद से सीआरयूटी ने इस वर्ष अप्रैल माह तक अपने फ्लीट को 760 बसों तक बढ़ा दिया है, जिससे पूरे ओडिशा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस काफी मज़बूत हुई हैं। संबलपुर और बरहमपुर में वर्ष 2024 में इलेक्ट्रिक बस ऑपरेशन शुरू किया गया था, जिसके बाद बीते वर्ष 2025 में फ्लीट में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। विस्तार में मदद के लिए गडकाना, नाराज़, पुरी, संबलपुर, बरहामपुर और क्योंझर में मॉडर्न बस डिपो चालू कर दिए गए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड में चंद्रशेखरपुर और मास्टर कैंटीन में डेडिकेटेड ईवी टर्मिनल के साथ-साथ कटक में 153 नए बस पोल लगाना शामिल है।
राज्य के हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्रा ने कहा कि सरकार सुरक्षित, सस्ता और टेक्नोलॉजी से चलने वाला पब्लिक ट्रांसपोर्ट देने के लिए प्रतिबद्ध है। कहा कि सीआरयूटी की तरक्की ग्रीनर और स्मार्टर शहरों के विज़न को दिखाती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाधी ने कहा कि राज्य इनोवेशन और असरदार गवर्नेंस के ज़रिए भविष्य के लिए तैयार, सबको साथ लेकर चलने वाले और पर्यावरण के लिए ज़िम्मेदार ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाने पर फोकस कर रहा है।
ह्यूमन रिसोर्स के मामले के संबंध में एमडी आलम ने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक 6,000 से ज़्यादा कामगारों को रोड सेफ्टी मॉड्यूल में ट्रेनिंग दी गई है। ज़्यादा जेंडर इन्क्लूजन की दिशा में एक कदम के तौर पर 20 महिलाओं को इलेक्ट्रिक बसें चलाने की ट्रेनिंग दी गई है। कहा कि सीआरयूटी ने परफॉर्मेंस को बढ़ावा देने और इनाम देने के लिए एक स्टाफ रिकग्निशन सिस्टम भी शुरू किया है।
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